- जीवनगढ़ में खरीदी गई जमीन पर तारबंदी का निशान लगाने गए थे खरीदार
- खुद को वकील बताने वाले व्यक्ति और उसकी पत्नी पर जान से मारने की धमकी का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। कोतवाली क्षेत्र के जीवनगढ़ में जमीन पर तारबंदी के दौरान जौनसारी अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज, जातिसूचक शब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने सीओ के निर्देश पर खुद को वकील बताने वाले एक व्यक्ति, उसकी पत्नी और तीन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि देवथला रुद्रपुर निवासी जयपाल सिंह चौहान ने पुलिस क्षेत्राधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा था। जयपाल के मुताबिक, उन्होंने अपने साथी सुधीर सिंह चौहान के साथ जीवनगढ़ में शर्मा फार्म हाउस के पास एक जमीन खरीदी है। बीते 13 सितंबर को वे अपनी जमीन पर तारबंदी के लिए निशान लगाने पहुंचे थे। आरोप है कि तभी मूल रूप से सहारनपुर और वर्तमान में जीवनगढ़ निवासी दाऊद अहमद, उसकी पत्नी साजिदा और दो-तीन अन्य लोग मौके पर आ गए और गाली-गलौज करने लगे।
आरोप है कि आरोपियों ने उनकी जौनसारी पहचान को निशाना बनाते हुए जातिसूचक गालियां दीं। साजिदा ने जमीन में जिंदा गाड़ने की धमकी दी, जबकि दाऊद ने खुद को वकील बताते हुए पूरे परिवार को जान से मरवाने की बात कही। विरोध करने पर आरोपियों ने हाथापाई और धक्का-मुक्की भी की। जयपाल का कहना है कि 13 सितंबर को ही उन्होंने थाने में तहरीर दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने सीओ से गुहार लगाई। पुलिस ने दाऊद, साजिदा और तीन अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की विवेचना उप पुलिस अधीक्षक अनुज कुमार को सौंपी गई है।