एसएसपी के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार दो युवक संदिग्ध नजर आए। जांच में पता चला कि लूट करने वाले बदमाश सहारनपुर जिले के कुतबुपुर माजरा क्षेत्र के हैं। देर रात लूट में शामिल आमिर और दूसरे नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
इनकी निशानदेही पर लूट की रकम और बाइक बरामद हो गई। इनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने फाइनेंस कर्मचारी साबिर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। साबिर ने सच उगलने में देरी नहीं की।
एसएसपी ने बताया कि साबिर का कहना है कि कर्ज उतारने के लिए उसने अपने साथियों के साथ फाइनेंस कंपनी का कैश लूटने का प्लान बनाया था। एसपी देहात प्रमेन्द्र डोभाल, सीओ पटेलनगर अनुज कुमार, सीओ नेहरू कालोनी पल्लवी त्यागी इस दौरान मौजूद रहे।
लूट की घटना को सही साबित करने के लिए साबिर ने एक नहीं दो बार अपनी आंखों पर मिर्च डलवाई थी। सीओ अनुज कुमार ने बताया कि पूछताछ में साबिर यह तो नहीं बता सका कि लाल मिर्च का आइडिया कहां से आया था।
साबिर के कहने पर ही आमिर गांव से 10 रुपये की पिसी लाल मिर्च खरीदकर लाया था। घटनास्थल पर एक बार उसके चेहरे पर मिर्च फेंकी थी, जो सड़क पर गिर गई। साबिर के कहने पर दूसरी बार फिर मिर्च फेंकी गई। साबिर से रकम लेकर वे सीधे गांव पहुंच गए थे।
बीस दिन पहले बनी थी लूट की योजना
एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि फाइनेंस कंपनी कर्मचारी साबिर ने बीस दिन पहले लूट की योजना बनाई थी। रविवार की छुट्टी पर वह कुतुबपुर माजरा गया था, जहां पर आमिर आदि को 50-50 हजार रुपये का लालच देकर लूट के लिए तैयार कर लिया था। हालांकि आमिर का कहना था कि वह उसके लिए तैयार नहीं था, लेकिन साथियों के दबाव के चलते वह इसमें शामिल हो गया। वह पहले दिन से फंसने की बात कह रहा था, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी।
पुलिस टीम को पुरस्कार
एसएसपी ने टीम में शामिल एसपी देहात प्रमेन्द्र डोभाल, सीओ अनुज, विकासनगर इंस्पेक्टर प्रदीप बिष्ट, एसएसआई गिरीश नेगी, सहसपुर एसओ पीडी भट्ट, कालसी एसओ मनमोहन नेगी, हरबर्टपुर चौकी प्रभारी सतेन्द्र भंडारी, कांस्टेबल प्रविन्द्र कुमार, नीरज कुमार, अनीस, अजित सिंह, मनोज और जितेन्द्र को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।