II- नगर निगम के स्वच्छता समितियों में गड़बड़ी में सामने आई वित्त अनुभाग की लापरवाही
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I- बार-बार दबाई जाती रही जांच की फाइल, इसमें पार्षदों का भी रहा दबाव
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Iनगर निगम की स्वच्छता समितियों में जो गड़बड़झाला सामने आ रहा है। उसमें निगम में हर स्तर पर लापरवाही बरती गई। निगम का वित्त अनुभाग भी पांच साल तक बिना सवाल-जबाब के एकमुश्त करोड़ों का भुगतान करता रहा। कई बार जांच की मांग भी उठी। बावजूद इसके वित्त अनुभाग सतर्क नहीं हुआ।
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Iदरअसल, नई स्वच्छता समितियों के कर्मचारियों के भौतिक सत्यापन में जो खेल सामने आ रहा है। उसमें पार्षद से लेकर सुपरवाइजर, सफाई निरीक्षक, स्वास्थ्य अनुभाग से लेकर निगम का वित्त अनुभाग भी कटघरे में है। निगम के सुपरवाइजरों, सफाई इंस्पेक्टरों और मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी की संस्तुति के बाद ही कर्मचारियों के वेतन के भुगतान के लिए वित्त अनुभाग अपनी स्वीकृति देता है।
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Iलेकिन हर भुगतान पर आपत्ति लगाने वाला वित्त अनुभाग स्वच्छता समितियों के कर्मचारियों को एकमुश्त वेतन का भुगतान करने में चुप्पी साधे रहा। वह पांच साल तक बिना आपत्ति, सवाल, जवाब भुगतान करता रहा। जबकि स्वच्छता समितियों में गड़बड़ी की कई बार बात सामने आई थी और इस पर कई बार निगम में हल्ला था और कई बार जांच की बात की गई। लेकिन इसके बाद भी वित्त अनुभाग के कान खड़े नहीं हुए।
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Iमामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जिसकी भी गलती सामने आएगी उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -सोनिका, नगर निगम प्रशासकI