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सीओ कार्यालय में जमकर कटा बवाल

Wed, 18 Dec 2013 08:59 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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खटीक पंचायत के तुगलकी फरमान को झेल रहे पीड़ितों ने पुलिस की शरण ली है।उन्होंने पंचायत पर उनके मानवाधिकार हनन का आरोप भी लगाया। दोनों पक्षों को सीओ मसूरी ने बुलाया तो वहां पर बवाल कट गया। पुलिस अधिकारी के समक्ष ही दोनों पक्षों में तनातनी हो गई।
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पुलिस मौके पर पहुंची
दोनों पक्षों में मारपीट होने ही वाली थी कि अतिरिक्त पुलिस बल को कार्यालय में बुला लिया गया।  किसी तरह पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत किया। उधर पंचायत के पदाधिकारियों ने अपनी कार्रवाई से पीछे हटने से इंकार करते हुये कानूनी लड़ाई की बात दोहरायी है। असल में, मसूरी निवासी एक परिवार का हुक्का पानी अखिल भारतीय खटीक पंचायत समिति के फरमान के बाद बंद किया गया है।

खटीक समाज में कोई भी इस परिवार के साथ उठता बैठता नहीं। इस मामले में बहिष्कृत किए गए तीन लोगों ने पूर्व में एसएसपी के नाम पत्र लिखकर संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की थी।
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पहले भी हो चुका है विवाद
उन्होंने शिकायत में बताया था कि पंचायत के फरमानों से पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। जिसको लेकर उन्होंने अखिल भारतीय खटीक पंचायत समिति के खिलाफ पहले भी प्रशासन से शिकायत की थी। प्रशासन ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों में समझौता करा दिया था। लेकिन आरोप है कि समिति ने फिर से इन लोगों का हुक्का पानी अपने सामाज में बंद करा दिया।

मानवाधिकार आयोग से शिकायत
पंचायत समिति की शिकायत पीड़ितों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की। आयोग ने कुछ माह पूर्व ही राज्य सरकार को इसमें तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया था। उसके बाद इसकी जांच सीओ मसूरी जया बलूनी कर रही थी। बुधवार को सीओ मसूरी ने दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में समझौते के लिए बुलाया था। लेकिन वहां पर दोनों पक्षों ने आस्तीनें चढ़ा ली।
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सीओ कार्यालय में ही दोनों तरफ से मारपीट की नौबत आ गई। पुलिस ने किसी तरह प्रतिनिधियों के अलावा कार्यालय में जुटे दोनों पक्षों के लोगों को बाहर किया।
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