आयोग की तीन सदस्यीय खंडपीठ का आदेश
मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह, सदस्य नवीन चंद्र चंदोला और देवेंद्र कुमारी तागरा ने की। सुनवाई के दौरान बताया गया कि कंपनी की ओर से परिवादी को 603 रुपये वापस किए गए थे। आयोग की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने अमेजन को आदेश दिए कि वह निर्णय की तिथि से 30 दिन के अंदर परिवादी को 67 रुपये वापस करे।
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सेवाओं में कमी, मानसिक उत्पीड़न के लिए 5,000 और वाद व्यय के लिए 2,000 रुपये का भी भुगतान किया जाए। यदि 30 दिन के अंदर सभी धनराशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो उक्त समस्त धनराशि पर वाद योजन की तारीख से भुगतान की तिथि तक सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज का भी भुगतान कंपनी को करना पड़ेगा।