यहां सोमवार रात टैक्सी ड्राइवर और कांवड़ियों का आपसी विवाद तूल पकड़ गया। ड्राइवर पर बोतल फेंके जाने से नाराज स्थानीय निवासियों ने कावंड़ियों की जमकर धुनाई कर दी। हालांकि झगड़ा करने वाले कांवड़िए खिसक गए। इसके बाद यहां जो भी कांवड़ियां आया, वह लोगों के गुस्से का शिकार हो गया। घटना में टैक्सी मालिक और एक कांवड़ियां घायल हो गए। पर्याप्त पुलिस बल नहीं होने से मामले को शांत करने में काफी समय लग गया। किसी तरह पुलिस ने कांवड़ यात्रियों को शहर से बाहर निकाला। स्थानीय लोग जगह-जगह एकत्रित होकर कांवड़ यात्रियों को पीटने की कोशिश करते रहे। घटना में घायल टैक्सी मालिक ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है।
सोमवार शाम रुद्रप्रयाग से श्रीनगर की ओर आ रहे बाइक सवार कांवड़ियों की पेट्रोल पंप के समीप टैक्सी ड्राइवर अभिषेक और वाहन मालिक विकास पंवार से बहस हो गई। आरोप है कि एक कांवड़िए ने विकास पर बोतल फेंक दी, जिससे उसकी कान में चोट लग गई। इस घटना से नाराज लोगों ने मौके पर मौजूद कांवड़ियों की पिटाई कर डाली। पिटाई से एक कांवड़ यात्री गौरव सिंह निवासी जहांगीरपुर दिल्ली के सिर पर चोट आ गई। कुछ लोगों ने कांवड़ियों की बाइकों को भी नुकसान पहुंचाया। सूचना मिलने पर पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई, लेकिन बाजार में हंगामा चलता रहा। लोग बाजार से गुजर रहे कांवड़ियों पर डंडे, लात-घूसे बरसाते रहे। कांवड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने उन्हें श्रीकोट पुलिस चौकी में ही रोक लिया। मामला शांत होने पर ही उन्हें रवाना किया गया। इधर, कोतवाली के एसएसआई विनय कुमार ने बताया कि वाहन स्वामी विकास पंवार ने अज्ञात कांवड़ियों के खिलाफ मारपीट और गाली गलौज की शिकायत दर्ज कराई है।
दुकानदारों ने की महिला दरोगा की शिकायत
सोमवार रात कांवड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों से कुछ सिपाहियों के साथ जूझने वाली महिला दारोगा प्रवीणा सिद्धोला की व्यापारियों ने शिकायत कर दी। बताया जा रहा है कि रात में कुछ लोग दुकानों के बाहर खड़े होकर कांवड़ियों पर बोतल फेंक रहे थे। प्रवीणा ने दुकानदारों से दुकान बंद करने के लिए कहा। साथ ही कुछ युवकों को कांवड़ियों के साथ मारपीट न करने की हिदायत देते हुए मौके से जाने को कहा।
वहीं, मंगलवार को व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने कोतवाली में प्रवीणा के खिलाफ अभद्रता की शिकायत की। व्यापारियों ने कहा कि रात साढ़े 10 बजे जब व्यापारी ग्राहकों को सामान बेच रहे थे, तो महिला दारोगा ने धमकाते हुए दुकान बंद करने को कहा। उन्होंने दारोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं दरोगा का कहना है कि हंगामे को देखते हुए दुकानदारों से दुकान बंद करने की अपील की गई थी। ब्यूरो