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उत्तराखंड का ये सरकारी अस्पताल बना अखाड़ा, दो घंटे ओपीडी रही ठप

Thu, 07 Feb 2019 03:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर
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सरकारी अस्पताल के निरीक्षण के लिए पहुंचे संयुक्त मजिस्ट्रेट के एक डॉक्टर पर मानहानि कारक शब्दों का प्रयोग करने से गुस्साए डॉक्टरों ने जमकर हंगामा किया। इससे दो घंटे तक ओपीडी ठप रही और मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ डॉक्टरों और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी के समझाने पर मामला शांत हुआ।

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मंगलवार की देर रात जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने जसपुर, बाजपुर और काशीपुर के एलडी भट्ट चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया था। अस्पताल में सफाई व्यवस्था खराब, मरीजों ने दवाइयां, रूई, पट्टियां बाहर से मंगाने की शिकायत डीएम से की गई थी। बुधवार सुबह डीएम के निर्देश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना ने अस्पताल में छापा मारा। उन्होंने आपातकालीन कक्ष, महिला, पुरुष वार्ड, प्रसव कक्ष, आयुष्मान कक्ष, स्टोर कक्ष, दवा वितरण कक्ष, शौचालयों का निरीक्षण किया। 

संयुक्त मजिस्ट्रेट खुराना ने मरीजों से इलाज की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों द्वारा डीएम से कुछ दवाइयां, पट्टियां और रूई बाहर से मंगाने की शिकायत की पुष्टि की। इस दौरान मरीजों ने मेडिकल से मंगाई गई दवाइयों के बिल भी दिखाए। इस पर संयुक्त मजिस्ट्रेट नाराज हो गए। अधिकांश मरीज हड्डी बीमारी से जुड़े हुए भर्ती थे। इसी दौरान हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास गहलौत भी पुरुष वार्ड में पहुंच गए। मरीजों की शिकायतों की पुष्टि करते समय संयुक्त मजिस्ट्रेट ने उन्हें वार्ड से बाहर जाने को कहा। बार-बार कहने के बाद भी चिकित्सक बाहर नहीं गए। काम प्रभावित होते देख उन्होंने गार्ड से डॉ. विकास को बाहर निकालने को कहा। 
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डॉ. विकास गहलोत ने संयुक्त मजिस्ट्रेट पर मानहानिकारक शब्द कहने का आरोप लगाया। इस अस्पताल के सभी चिकित्सकों भी डॉ. विकास के समर्थन में आ गए और संयुक्त मजिस्ट्रेट से माफी मांगने की बात पर अड़ गए। दो घंटे बाद बार एसोसिएशन अध्यक्ष अधिवक्ताओं और डॉक्टरों के समझाने पर संयुक्त मजिस्ट्रेट और डॉ. विकास को समझाने पर मामला शांत हुआ।  

संयुक्त मजिस्ट्रेट ने आयुष्मान कक्ष में बनने वाले कार्ड के बारे में संबंधित कर्मचारी से जानकारी मांगी। कर्मचारी हिमानी ने बताया कि जनवरी से अब तक 250 से अधिक आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। मंगलवार को 10 कार्ड बने हैं। कंप्यूटर में कुछ कमियां होने पर शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं वर्ष 2016 से करीब 10 लाख की लागत से बंद पड़ा हाईटेक शौचालय को शुरू कराने के लिए सीएमएस को निर्देश दिए हैं।  

मोहल्ला आवास विकास निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग मोतीलाल कहते हैं कि उनके हाथों की नसों की बीमारी है। पर्चा बनाकर डॉ. विकास गहलौत को दिखाने के लिए आए हैं। इस तकरार के चलते ओपीडी बंद होने से इलाज की आस में दो घंटे से तक परिसर में ही भटक रहे हैं।  

ग्राम हल्दुआ निवासी सत्येंद्र सिंह कहते हैं कि उनके 10 वर्षीय नाती प्रिंस के दायां हाथ में चोट थी। हड्डी वाले डॉक्टर को दिखाने के लिए आए हैं। ओपीडी बंद होने से डेढ़ घंटे से बाहर इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। 

संयुक्त मजिस्ट्रेट ने मरीजों के सामने मेरे लिए गलत शब्दों का प्रयोग किया। जब मैने विरोध किया तो उन्होंने अपने गार्ड से बाहर निकालने को कहा। इस पर गार्ड ने उनका हाथ पकड़कर बाहर निकाल दिया।  
- डॉ. विकास गहलौत, हड्डी रोग विशेषज्ञ, एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल

मंगलवार देर रात डीएम के औचक निरीक्षण में मरीजों ने उनसे दवाइयां, पट्टी, रूई बाहर से मंगाने की शिकायत की थी। उनके निर्देश पर मरीजों से जानकारी ली जा रही थी। डॉ. विकास गहलौत कक्ष में काम नहीं करने दे रहे थे। उन्हें तीन बार बाहर जाने के लिए कहा। लेकिन वह बाहर नहीं गए। संबंधित शिकायतों का स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- हिमांशु खुराना, संयुक्त मजिस्ट्रेट 

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