प्रदेश के निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित विभिन्न व्यवसायिक पाठ्यक्रमों का शुल्क तय मानकों के अनुरूप है या नहीं इसके लिए प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति बनी है। नियमानुसार समिति को हर तीन साल में शुल्क रिवाइज करना होता है लेकिन समिति के 12 अध्यक्ष बदल गए पर शुल्क तय नहीं हुआ।
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समिति के अध्यक्ष की ओर से चार्टर्ड अकाउंटेंट को नामित किया जाता है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक समिति का अब तक कभी कोरम पूरा नहीं हुआ। यही वजह है कि तय मानकों के अनुरूप फीस तय नहीं हो पाई है।