- छात्रों के लिए तय किया गया है 500 रुपये शुल्क
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उच्च शिक्षा विभाग के अधीन संचालित राज्य विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड ई-पुस्तकालय योजना लागू कर दी गई है। ई-पुस्तकालय सुविधा के लिए शुल्क निर्धारित किया गया। विश्वविद्यालयों को पांच लाख रुपये, निजी व अशासकीय कॉलेजों, विभागों व शोध संस्थानों को एक लाख रुपये शुल्क देना होगा। जबकि छात्रों के लिए 500 रुपये शुल्क तय किया गया।
योजना के तहत शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को ऑनलाइन एकीकृत प्लेटफार्म पर सभी पाठ्यक्रमों की ई-बुक सहित अन्य डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के ठोस क्रियान्वयन के लिए शासन स्तर से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों व निदेशक उच्च शिक्षा को निर्देश जारी किए गए।
उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश की उच्च शिक्षा में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना के तहत अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म पर पाठ्यपुस्तकें, उत्कृष्ट लेखकों की किताबें, शोध पत्र एवं अन्य डिजिटल कंटेंट न्यूजपेपर, मैगजीन व रिपोर्ट्स एक क्लिक पर मिलेगी। डाॅ.रावत ने कहा कि ई-लाइब्रेरी का उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है, जिससे आर्थिक एवं भौगोलिक कारणों से कोई भी छात्र किताबों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ई-लाइब्रेरी योजना का लाभ ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान रूप से मिल सकेगा। छात्र अपनी सुविधानुसार आसानी से विषयवार पुस्तकों की पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा उक्त योजना का लाभ तकनीकी शिक्षा, आयुष एवं चिकित्सा शिक्षा सहित अन्य विभाग व निजी विश्वविद्यालय व महाविद्यालय भी ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें निर्धारित शुल्क देना होगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-लाइब्रेरी को सरल, उपयोगी एवं विद्यार्थियों के अनुकूल बनाया जाए।