चंद रुपयों के लिए एक पिता ने अपनी नाबालिग बेटी का सौदा कर दिया। अस्कोट थाना पुलिस ने नेपाली किशोरी की खरीद फरोख्त में पिता, राजस्थान से आए चार लोगों समेत दो बिचौलिया महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है।
थानाध्यक्ष मोहम्मद आसिफ खान ने बताया कि शनिवार रात थाना क्षेत्र के जड़ियागाड़ (ओगला) में एक नेपाली व्यक्ति के 20 हजार रुपये में किशोरी को बेचने की सूचना मिली। इस पर पुलिस की दो टीमें मौके के लिए रवाना हुईं। रात करीब 12 बजे मौके पर पहुंची पुलिस टीम को चार राजस्थानी लोगों के अलावा किशोरी के पिता और दो नेपाली महिलाएं वहां मिलीं।
थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों महिलाएं किशोरी को बिकवाने में दलाली कर रही थीं। इस पर टीम ने किशोरी का सौदा कर रहे लड़की के पिता के अलावा अलवर राजस्थान निवासी सूरत सिंह, रामपाल यादव, जसवंत सिंह, दिनेश सिंह, नेपाली महिला ममता और कुमार देवी को गिरफ्तार कर आईपीसी की धारा 366 बी/372/373 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
जसवंत सिंह का रहा है आपराधिक इतिहास
अस्कोट के थानाध्यक्ष मोहम्मद आसिफ खान ने बताया कि अलवर राजस्थान निवासी जसवंत सिंह हिस्ट्रीशीटर है और पहले भी लड़कियों की सौदेबाजी में संलिप्त रहा है। पूछताछ में उसने विवाह के नाम पर कई बार लड़कियों की सौदेबाजी के लिए क्षेत्र में आने की बात कबूली है। पूछताछ में किशोरी ने बताया कि जसवंत 16 जून को किसी युवक को लेकर उनके घर पहुंचा था। थानाध्यक्ष ने बताया कि जसवंत का पूरा रिकार्ड खंगालने के लिए अलवर पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।
यह लोग रहे पुलिस टीम
टीम में थानाध्यक्ष के अलावा एसआई संजय सिंह, कांस्टेबल प्रमोद कुमार, राजेंदर गोस्वामी, संजीत राणा, पंकज कुमार, दिनेश जोशी, हरीश जोशी, नीरज सिंह, दीपा वर्ती, ज्योति बिष्ट आदि थे।
विवाह के नाम पर लड़कियों की सौदेबाजी करने के मामले की छानबीन के लिए मातहतों को बाहर से आने वाले लोगों पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिए हैं। विवाह के नाम पर सौदेबाजी करने वाले तत्व पुलिस की नजर से बच नहीं पाएंगे।
- रामचंद्र राजगुर, एसपी पिथौरागढ़