सास-ससुर ने अपनी विधवा बहू के लिए लड़का ढूंढा और बेटी की तरह धूमधाम से उसकी शादी कर समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया। ससुर ने बहू के पिता की भूमिका निभाते हुए अपने हाथों से कन्यादान किया और अन्य रस्में निभाई। विवाह के बाद उन्होंने बहू को उसके नये ससुराल विदा किया।