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बेटे को ढूंढने के लिए नहीं मिली पुलिस की मदद तो जंगल में धरने पर बैठे पिता, पूरी कहानी भावुक कर देगी

Thu, 21 Feb 2019 04:34 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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लापता बेटे को ढूंढने के लिए जंगल में धरने पर बैठे पिता
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17 साल के बेटे की तलाश में एक पिता सात दिनों से जंगलों में भटकने को मजबूर हैं। लापता लड़का 12वीं का छात्र है। आरोप है कि तमाम साक्ष्यों के बावजूद पुलिस कुछ नहीं कर रही है। छात्र का स्कूटर व मोबाइल शक्ति नहर के बैराज के पास मिला है।

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उनके पड़ोस की एक किशोरी भी लापता बताई जा रही है, मगर किशोरी के घरवालों ने अलग से कोई शिकायत नहीं की है। इंदिरानगर (वसंत विहार) निवासी संजय जुयाल एक निजी स्कूल में पढ़ाते हैं। 

रोजाना की तरह 13 फरवरी को भी वे स्कूल गए थे। दोपहर बाद वापस आए तो पता चला कि उनका बड़ा बेटा जय (17) दोपहर करीब साढे़ 12 बजे स्कूटर से कहीं गया था, जिसके बाद से वह वापस नहीं लौटा। इस पर संजय तुरंत बेटे की खोज में निकल गए। उन्होंने अपने सूत्रों के माध्यम से पता किया जो उसकी लोकेशन कुल्हान के आसपास शक्ति नहर के किनारे मिली।

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लापता बेटा
वे बार-बार बेटे को मैसेज कर रहे थे। इसी दौरान वे उसे तलाशते हुए गफलत में पोंटा की ओर निकल गए। वहां से वापसी में जय का स्कूटर शक्ति नहर के किनारे खड़ा हुआ मिला था। उसका मोबाइल भी स्कूटर में ही रखा था। यह देखकर संजय और घबरा गए। उन्होंने इसकी सूचना तत्काल विकासनगर कोतवाली की कुल्हान पुलिस चौकी को दी। 

वहां से आश्वासन मिलने पर वे घर लौट आए। संजय का आरोप है कि अगले दिन भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। वे चौकी गए तो उन्हें फिर आश्वासन देकर लौटा दिया गया। इसके बाद वे खुद ही अपने बेटे की तलाश में जुट गए। संजय जुयाल ने बताया कि उनके साथ एक दिन भी पुलिस का कोई जवान नहीं गया है।

जबकि क्षेत्र के गुर्जर समुदाय के लोग उनकी मदद कर रहे हैं। वे लगातार सात दिनों से जय की तलाश में जुटे हुए हैं। उन्होंने पुलिस को बैराज के पास के सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध करा दिए हैं। बताया जा रहा है कि जय के साथ-साथ पड़ोस की रहने वाली एक किशोरी भी लापता है। वह 11वीं कक्षा की छात्रा है। 
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जंगल में धरने पर बैठे पिता
हालांकि इस बात की जानकारी नहीं है कि किशोरी जय के साथ ही गई थी या अकेली। जय की तलाश में जब उसके पिता संजय जुटे थे तो किशोरी के परिजन भी साथ थे। अब संजय जुयाल बताते हैं कि किशोरी के परिजन एक दो दिन ही उनके साथ रहे। अब उनमें से कोई भी साथ नहीं है। पुलिस ने जब संजय की बात नहीं सुनी तो वे थक हारकर धरने पर बैठ गए। बीती पूरी रात वे धौलतप्पड़ के पास नहर किनारे खुले आसमान के नीचे बैठे हुए थे।

संजय ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत एसपी से भी की है, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस पर तंज कसते हुए कहा कि चोरी डकैती आदि को वर्कआउट करने के लिए पुलिस को तमगे मिलेंगे, लेकिन मेरे जैसे गरीब व्यक्ति की मदद करने पर क्या मिलेगा।  

वसंत विहार थाने में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रही है। अंतिम बार उसने अपने एक दोस्त से बात की थी, पुलिस ने उससे भी पूछताछ की है। आशंका है कि वह खुद ही किशोरी के साथ गया है। जल्द ही स्थिति साफ हो जाएगी। 
- निवेदिता कुकरेती, एसएसपी 
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