वे बार-बार बेटे को मैसेज कर रहे थे। इसी दौरान वे उसे तलाशते हुए गफलत में पोंटा की ओर निकल गए। वहां से वापसी में जय का स्कूटर शक्ति नहर के किनारे खड़ा हुआ मिला था। उसका मोबाइल भी स्कूटर में ही रखा था। यह देखकर संजय और घबरा गए। उन्होंने इसकी सूचना तत्काल विकासनगर कोतवाली की कुल्हान पुलिस चौकी को दी।
वहां से आश्वासन मिलने पर वे घर लौट आए। संजय का आरोप है कि अगले दिन भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। वे चौकी गए तो उन्हें फिर आश्वासन देकर लौटा दिया गया। इसके बाद वे खुद ही अपने बेटे की तलाश में जुट गए। संजय जुयाल ने बताया कि उनके साथ एक दिन भी पुलिस का कोई जवान नहीं गया है।
जबकि क्षेत्र के गुर्जर समुदाय के लोग उनकी मदद कर रहे हैं। वे लगातार सात दिनों से जय की तलाश में जुटे हुए हैं। उन्होंने पुलिस को बैराज के पास के सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध करा दिए हैं। बताया जा रहा है कि जय के साथ-साथ पड़ोस की रहने वाली एक किशोरी भी लापता है। वह 11वीं कक्षा की छात्रा है।
जंगल में धरने पर बैठे पिता
हालांकि इस बात की जानकारी नहीं है कि किशोरी जय के साथ ही गई थी या अकेली। जय की तलाश में जब उसके पिता संजय जुटे थे तो किशोरी के परिजन भी साथ थे। अब संजय जुयाल बताते हैं कि किशोरी के परिजन एक दो दिन ही उनके साथ रहे। अब उनमें से कोई भी साथ नहीं है। पुलिस ने जब संजय की बात नहीं सुनी तो वे थक हारकर धरने पर बैठ गए। बीती पूरी रात वे धौलतप्पड़ के पास नहर किनारे खुले आसमान के नीचे बैठे हुए थे।
संजय ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत एसपी से भी की है, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस पर तंज कसते हुए कहा कि चोरी डकैती आदि को वर्कआउट करने के लिए पुलिस को तमगे मिलेंगे, लेकिन मेरे जैसे गरीब व्यक्ति की मदद करने पर क्या मिलेगा।
वसंत विहार थाने में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रही है। अंतिम बार उसने अपने एक दोस्त से बात की थी, पुलिस ने उससे भी पूछताछ की है। आशंका है कि वह खुद ही किशोरी के साथ गया है। जल्द ही स्थिति साफ हो जाएगी।
- निवेदिता कुकरेती, एसएसपी