मृतक की पत्नी कमला देवी ने बताया कि उसके पति भीम सिंह लंबे समय से बेरोजगार चल रहे थे। एक साल पहले पति की किडनी में इंफेक्शन हो गया था। दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी दो लाख की जमा पूंजी भी खर्च हो गई थी।
आर्थिक तंगी के कारण उन्हें चार जवान बेटियों का हाथ पीला करने और घर चलाने की चिंता सताने लगी। उनकी सबसे बड़ी 22 वर्षीय पुत्री दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करती है। उसके बाद शिवानी थी।
दो अन्य पुत्रियां 18 साल और 16 साल की हैं। बुधवार सुबह वह चारा पत्ती और जलावनी लकड़ी लेने के लिए जंगल चली गई थी। घर लौटने पर ही उसे इस घटना की जानकारी हुई। बाजार चौकी इंचार्ज एसआई कमलेश शर्मा ने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।