पौंधा गांव एजुकेशन हब के रूप में नई पहचान बना रहा है। गांव के लोग भी अब खेती-किसानी से हटकर दूसरे कारोबार व सहायक व्यवसायों में अधिक रुचि ले रहे हैं। आलम यह है कि कभी जिन खेतों में धान, गेहूं व मंडुआ की फसल लहलहाती थी वहां अब आसमान को छूती कॉलेजों की इमारतें खड़ी हो गई हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर विकासखंड सहसपुर का करीब 1400 की आबादी वाला गांव पौंधा अब एजुकेशन हब के नाम से अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। गांव के आसपास के क्षेत्रों में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के साथ ही इंजीनियरिंग, मेडिकल, बीएड, बीपीएड, कंप्यूटर साइंस, बीएससी व एमएससी के दर्जनभर से अधिक कॉलेज का संचालन हो रहा है। कुछ स्कूल, कॉलेजों का निर्माण अब भी जारी है।
ग्रामीण अपना रहे हॉस्टल, रेस्टोरेंट व टिफिन जैसे कारोबार
स्कूल और कॉलेजों के निर्माण ने यहां के परिवेश को पूरी तरह से बदल दिया है। यहां के लोगों ने हॉस्टल सुविधाएं, रेस्टोरेंट, वाटर सप्लाई व टिफिन सर्विस जैसे कारोबार अपना लिए हैं।
गांव में पानी सप्लाई की गंभीर समस्या है। छात्र और बाहरी लोगों अधिक होने से अब पानी की पूर्ति नहीं हो पाती। इसके लिए सरकार को कुछ करना चाहिए। - मानसिंह, ग्रामीण, पौंधा
गांव के मुख्य मार्ग की चौड़ाई कम है। जबकि, इस पर ट्रैफिक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। मुख्य मार्ग की चौड़ीकरण होना चाहिए। - -तुषार बिष्ट, छात्र, पौंधा
कॉलेज और स्कूल होने से यहां पर भीड़ अधिक बढ़ गई है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस व्यवस्था की आवश्यकता है। साथ ही शासन-प्रशासन को अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जानी चाहिए। - सोहन लाल, दुकानदार, पौंधा
महानगर से यातायात के साधन बेहतर तरीके से संचालित होने चाहिए। यातायात के साधन न होने से ग्रामीणों को काफी परेशानियां हो रही हैं। यातायात के साधन होने से शहर के लिए आवागमन करने की दिक्कत दूर हो जाएगी। - निशांत कुटाल, पौंधा