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Dehradun News: कागजों में सड़कें चकाचक, धरातल पर बनीं तालाब

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सड़कों को गड्ढामुक्त करने की कवायद खानापूर्ति साबित हुई। कागजों में सड़कें चकाचक हैं, लेकिन धरातल पर अधिकांश सड़कें अब भी तालाब बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 30 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश लोनिवि के अधिकारियों को दिए थे। इस पर विकासनगर क्षेत्र में जगह-जगह पैचवर्क किया गया। पैचवर्क का कार्य कई दिनों तक चला। राजस्व विभाग के साथ पैचवर्क का सर्वे भी किया गया। डेटलाइन पूरी होने पर लोनिवि ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने के प्रमाणपत्र जिलेवार शासन को सौंपे हैं, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। सड़कें उधड़ी हुई हैं। गड्ढे तालाब में तब्दील हो गए हैं। लोगों का कहना है कि पैचवर्क के नाम पर खानापूर्ति की गई। गड्ढों को भरने के बजाय नए सिरे से पेंटिंग की जानी चाहिए। तभी सड़कों की हालत में सुधार आएगा।
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ये सड़कें नहीं हुईं गड्ढा मुक्त



विकासनगर से सटी डॉक्टरगंज रोड, डॉक्टरगंज-खादर रोड, पश्चिमीवाला रोड, भोजावाला रोड, बेलावाला रोड, दुर्गा विहार रोड, तेलपुर रोड, डांडी जीवनगढ़-डाकपत्थर रोड अब भी गड्ढा मुक्त नहीं हो सकी हैं।




कुछ गड्ढे फौरी तौर पर पैचवर्क करके भर दिए गए हैं। अभी भी अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। सड़कों के सुधारीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। बजट मिलने पर ही सुधारीकरण हो पाना संभव है। प्रदीप सैनी, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड, देहरादून
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संपर्क मार्ग तो दूर मुख्य बाजार से होकर गुजरने वाले हाईवे पर भी पैचवर्क सही तरीके से नहीं हुआ है। जहां पैचवर्क हुआ है वहां सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है।



सुशील कुक्की



पैचवर्क के नाम पर सिर्फ सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। नए सिरे से सड़कों की मरम्मत जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश सड़कों की हालत बेहद खराब है। बाला चौहान
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