- उन्नत किस्में, प्रशिक्षण के साथ प्रसंस्करण व विपणन की मिलेगी जानकारी
- मुख्यमंत्री धामी आज करेंगे महक क्रांति नीति की शुरूआत व पांच सेटेलाइट सेंटरों का शिलान्यास
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में सगंध फसलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए पांच जिलों में एरोमा सेटेलाइट सेंटर बनाए जाएंगे। इन सेंटरों में किसानों को सभी सुविधाएं मिलेगी। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महक क्रांति नीति की शुरूआत करने के साथ ही पांच सेटेलाइट सेंटरों का शिलान्यास करेंगे।
चमोली व अल्मोड़ा जिले में डेमेस्क गुलाब, पिथौरागढ़ में तिमूर, चंपावत में तेजपात, उत्तरकाशी जिले में तिमूर व डेमेस्क गुलाब का सेटेलाइट सेंटर बनाया जाएगा। सगंध पौध केंद्र सेलाकुई ने भाऊवाला में एरोमा की अलग-अलग किस्मों का सेटेलाइट सेंटर तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पांच सेटेलाइट सेंटरों का शिलान्यास व भाऊवाला सेंटर का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा महक क्रांति नीति की शुरूआत की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने महक क्रांति नीति में आने वाले 10 वर्षों में 91 हजार किसानों को सगंध खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा नर्सरी, खेती व प्रसंस्करण पर 50 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। यदि कोई किसान एक हेक्टेयर भूमि पर खेती करता है तो उसे 80 प्रतिशत व एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खेती करने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई के निदेशक नृपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी व कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी महक क्रांति नीति का शुरूआत करेंगे। प्रदेश में पांच एरोमा सेटेलाइट सेंटर बनने से किसानों को सगंध पौधों की खेती के लिए सभी सुविधाएं एक ही जगह पर उपलब्ध होंगी।