फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों ने फिर भरी हुंकार, बोले पहले नीरव मोदी से वसूली करे सरकार, हम तब लौटाएंगे कर्ज

Tue, 12 Jun 2018 08:54 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
farmers protest
विज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन (अंबावत) के तीन दिवसीय अधिवेशन के अंतिम दिन किसानों ने केंद्र सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ने का एलान किया है। अधिवेशन के अंतिम दिन कई प्रस्ताव पारित किए गए। किसानों ने साफ किया कि जब तक केंद्र सरकार बैंक घोटाला करने वाले नीरव मोदी से वसूली नहीं कर पाती तब तक वह बैंकों का ऋण नहीं लौटाएंगे। किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में दो अक्तूबर को गांधी जयंती के दिन प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने का भी निर्णय लिया।

विज्ञापन


मंगलवार को अलकनंदा होटल परिसर में अधिवेशन में किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू (अ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अंबावत ने कहा कि किसानों की हालत मजदूर से भी बदतर होती जा रही है। हरिद्वार के साथ जहां-जहां गंगा के साथ अन्य नदियों में खनन हो रहा है, वहां के लोगों के साथ किसानों को भी काम नहीं दिया जा रहा है। सरकार की गलत नीतियों की वजह से किसान अपने खेतों में खनन नहीं कर पाता।

रॉयल्टी में उसकी कोई हिस्सेदारी नहीं है। फसलों के भुगतान को आंदोलन करना पड़ रहा है। यदि अन्य आयोगों की तरह किसानों के लिए किसान आयोग बनाकर उसमें बजट का प्रावधान किया जाए तो इससे किसानों की स्थिति में सुधार आ सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलों का बीमा किया जाता है और फसल के नष्ट होने के बाद उसे बीमित धनराशि नहीं दी जाती है। गन्ने के भुगतान का 22 हजार करोड़ रुपये अब तक मिलों पर बकाया है, लेकिन पाकिस्तान से चीनी मंगवाई जा रही है।
विज्ञापन


किसानों के लिए पेंशन की व्यवस्था नहीं हैं। इलाज के लिए सरकारी कर्मचारी की तरह किसानों को सुविधाएं मिले तो तीमारदार को राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि किसानों का कर्ज बिना सशर्त के माफ किया जाए और किसानों पर लगे मुकदमे सरकार वापस करें। अधिवेशन में किसानों ने चेताया उपरोक्त सभी मांगे यदि केंद्र सरकार ने तीन महीने में पूरी नहीं की तो वह दो अक्तूबर को दिल्ली में प्रधानमंत्री के आवास का घेराव करेंगे।

Trending Videos
विज्ञापन

यूनियन के नाम पर कर रहे उगाही

farmers protest
उन्होंने किसानों से घेराव की रणनीति बनाने का आह्वान किया। अधिवेशन में अतर सिंह संधु, ललित त्यागी, अनिल चौधरी, पहल सिंह पंवार, राजदीप मैनवाल, सागर सिंह, चौधरी विपिन, गंगा प्रसाद यादव, नीरज चौधरी, लाल बहादुर यादव, पुष्पा धनगड़, गुरनाम सिंह, सुरेश कोथ, कंवरपाल चौधरी, राहुल गुर्जर, मदन, यशपाल प्रधान, अजीत सिंह कहलोम, जग्गी पहलवान, शमशेर सिंह दहिया, रुपेेश शुक्ला, कोमल रानी आदि मौजूद रहे।

यूनियन के नाम पर कर रहे उगाही
ऋषिपाल अंबावत ने कहा कि भाकियू 20 सालों से किसानों के हितों के लिए संघर्ष कर रही है। इस अवधि में कई संगठनों ने अलग होकर अपनी दुकान भी चलानी शुरू कर दी है। यूनियन के नाम से टोपी बिल्ला लगाकर लोगों को लूटने का काम कर रहे हैं, जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों को ऐसेे व्यक्तियों के प्रलोभन में न आने की बात कही। कहा कि गंगा स्नान के नाम पर लूट खसोट नहीं होनी चाहिए।

आरके त्यागी को यूनियन से बाहर किया
रुड़की निवासी एवं यूनियन के प्रवक्ता आरके त्यागी को भाकियू से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। राष्ट्रीय प्रवक्ता अतर सिंह संधु ने बताया कि यूनियन में इनका कोई योगदान नहीं रहा। वह यूनियन के नाम पर चोर बाजारी कर रहे थे। त्यागी परिवार के अवैध तरीके से खनन आदि के कामों में लिप्त होने से यूनियन की बदनामी हो रही थी। उन्होंने अन्य लोगों को भी आगाह किया कि यदि किसी ने यूनियन के नाम का दुरुपयोग किया तो उसे बाहर कर दिया जाएगा।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें