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Dehradun News: किसानों को दाम से अधिक खेत खाली करने की मजबूरी

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क्षेत्र के किसानों पर इस समय दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ उनकी फसलों के दाम कम मिल रहे हैं तो दूसरी तरफ उन्हें अपने खेतों को खाली करने की मजबूरी है। इस कारण किसान औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर हैं।
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साहिया क्षेत्र में नकदी फसलों का उत्पादन व्यापक स्तर पर किया जाता है। मौजूदा समय में खेतों में अदरक, अरवी और हरा धनिया की फसल तैयार है। किसान प्रतिदिन फसलों को लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। लेकिन, पिछले एक सप्ताह से फसलों के वाजिब दाम नहीं मिल रहे हैं। कम दाम की स्थिति में किसान एक दो दिन फसल को रोककर कीमत ठीक होने का इंतजार कर सकते हैं, लेकिन इससे अगली फसल की बुआई प्रभावित होगी। किसान सुरेंद्र सिंह बिष्ट, महेंद्र सिंह, मोहन सिंह, परम सिंह, कलम सिंह, दिनेश सिंह ने बताया कि अभी खेतों में गेहूं, मसूर व लहसुन की बुआई की जानी है। इसलिए उनके सामने खेतों को समय से खाली करने का संकट है। उन्हाेंने बताया कि लहसुन की बुआई शुरू हो चुकी है और यह 26 अक्तूबर तक की जानी है। किसानों के सामने स्थिति यह है कि यदि वह अपनी अदरक व अरवी की फसल को रोकने का प्रयास करेगा तो अगली फसल की बुआई में पिछड़ जाएगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र का किसान नकदी फसल तैयार करने के लिए बैंकों कर्ज लिया है, लेकिन फसल का दाम कम मिलने से उसके सामने कर्ज की अदायगी का संकट खड़ा हो गया है। उधर, साहिया मंडी समिति के अध्यक्ष राजेश जैसे ने बताया कि इस समय बैंगलोर से अदरक और टमाटर की फसल बड़े पैमाने पर आ रही है। इससे स्थानीय किसानों को उनकी फसलों के दाम कम मिल रहे हैं।
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