क्षेत्र में चल रहे विकसित कृषि संकल्प अभियान में भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के वैज्ञानिकों ने किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसान खेती में तकनीकों का उपयोग करे तो इससे उसकी आय में वृद्धि होगी।
वैज्ञानिकों की टीम ने विकासनगर, सहसपुर, कालसी ब्लाॅक के विभिन्न गांवों में किसानों को कृषि की नई-नई तकनीकों के बारे में बताया। किसानों को सुझाव दिया गया कि उन्हें मानसून के दौरान खेत की मेढ़ पर हाइब्रिड नेपियर जैसी चारा घास का रोपण करना चाहिए। यह तकनीक जलजमाव और मृदा कटाव को रोकने में सहायक होती है। अभियान में शामिल अलग-अलग टीम का नेतृत्व डॉ. अंबरीश कुमार, डॉ. लेखचंद, डॉ. विभा सिंघल, डॉ. रमन जीत सिंह, डॉ. इंदु रावत, तथा डॉ. अनुपम आदि ने किया।