उत्तराखंड किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने इकबालपुर चीनी मिल के किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान नहीं करने के विरोध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुतला दहन किया। जिलाध्यक्ष महकार सिंह ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार गन्ना भुगतान कराने में नाकाम साबित हुई है। सरकार में साबित कर दिया है कि वह पूरी तरह किसान विरोधी है।
उत्तराखंड किसान मोर्चा ने इकबालपुर चीनी मिल की चीनी नीलाम नहीं होने का ठीकरा प्रदेश सरकार पर फोड़ा है। उत्तराखंड किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष महकार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता और किसान बस स्टेशन के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमा हुए। यहां जिलाध्यक्ष ने कहा कि नीलामी की शर्तों के सख्त होने से चीनी नीलाम नहीं हो सकी और किसानों को एक बार फिर मायूसी हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार किसानों के हितों का ध्यान नहीं रख पा रही है।
भाजपा सरकार पूरी तरह किसान विरोधी बन कर रह गई है। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुतला दहन किया। इस मौके पर धर्मेंद्र, सतपाल, बालेंद्र, विजेंद्र, सोमपाल, सुशील, सुरेश नरेश, राजकुमार, मीरआलम, पप्पू, सोनू आदि मौजूद थे।
उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा है कि इकबालपुर शुगर मिल की चीनी की नीलामी को साजिश के तहत टाला गया है। क्योंकि सरकार पर फैक्ट्री मालिक का दबाव है। इस कारण प्रशासन ने नीलामी के नियमों को जटिल किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने रुड़की टाकिज पर मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका।
मंगलवार को इकबालपुर शुगर मिल में अधिकारी चीनी की नीलामी करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन इस दौरान खरीदारों ने नियमों को देखते हुए चीनी खरीद से मना कर दिया था। शर्त थी कि नीलामी का 25 प्रतिशत रकम तुरंत और 75 प्रतिशत पंद्रह दिन के अंदर जमा कराना है। बुधवार को रुड़की के प्रशासनिक भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि फैक्ट्री मालिक के दबाव में चीनी की नीलामी नहीं होने दी गई है। फैक्ट्री मालिक का दबाव सरकार पर है। इसके चलते सरकार अधिकारियों पर दबाव बनाए हुए थे। आरोप लगाया कि एक बड़े अधिकारी की ओर से सोमवार को चीनी के सत्यापन के आदेश दिए गए हैं, लेकिन चीनी का सत्यापन चार दिन में भी संभव नहीं है।
सोमवार को नीलामी के सत्यापन के आदेश जारी करने का क्या औचित्य था। अत: सरकार ने प्रशासन को हथियार बनाकर चीनी नीलामी की प्रक्रिया को टाला गया है। उन्होंने कहा कि चीनी नीलामी की प्रक्रिया को सरल करने के लिए पहले से मांग उठाई जा रही थी, लेकिन सरकार और प्रशासन ने इस पर एक बार भी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने मांग की है कि सरकार तुरंत चीनी की नीलामी कराकर भुगतान का भुगतान करें, अन्यथा तीन चार दिन में रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष महकार सिंह, राजपाल सिंह, पवन त्यागी, तेजवीर सिंह, सुखपाल मुखिया, श्रवण कुमार, प्रमोद, संदीप रोड आदि मौजूद रहे।