इसी मामले को लेकर ईश्वरचंद पिछले काफी दिनों से तनाव में चल रहा था। परिजनों के मुताबिक सोमवार को उसी चेक के मामले में ईश्वरचंद की तारीख थी। रात में ईश्वरचंद रोजमर्रा की तरह सो गया था।
सोमवार की सुबह नहाने धोने के बाद उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। जब वे मकान की छत से सुबह ईश्वरचंद के पास आए तो वह अपनी चारपाई पर लेटा हुआ छटपटा रहा था। ईश्वरचंद ने उन्हें जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी दी। आनन-फानन में परिजन ईश्वरचंद को लेकर कस्बे के एक प्राइवेट अस्पताल में पहुंचे, लेकिन हालत नाजुक देखते हुए उसके लिए रेफर कर दिया।
इसके बाद परिजन ईश्वरचंद को लेकर हायर सेंटर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। जानकारी मिलते ही सीओ राजन सिंह, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह नेगी व दरोगा उमेश नेगी भी मौके पर पहुंचे तथा उन्होंने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ राजन सिंह ने बताया कि ईश्वर चंद शर्मा की जेब से दो सुसाइड नोट भी मिले हैं।
इसमें उसने बैंक से ऋण दिलाने वाले दलाल व अपने परिवार के एक व्यक्ति पर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। कोतवाल वीरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।