बैंक और साहूकार के लगातार बढ़ते कर्ज को न चुका पाने से परेशान किसान ने खुदकुशी कर ली। मामला सितारगंज के बिज्टी गांव का है, जहां 8.50 लाख के कर्ज तले दबे किसान ने जहर खाकर जान दे दी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। उसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजा।
बिज्टी गांव के किसान मुख्त्यार सिंह (53) पुत्र कर्म सिंह ने शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे अपने खेत में लगी मोटर के पास सल्फास की गोलियां खा लीं। सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। बेहोशी की हालत में मुख्त्यार सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से क्षेत्र में खलबली मच गई।
परिजनों ने बताया कि उन पर बैंक ऑफ बड़ौदा, दक्षिणी किसान सेवा सहकारी समिति के अलावा नगर के कुछ साहूकारों का करीब 8.50 लाख रुपये का कर्जा हो गया है। साहूकारों के ब्याज से मुख्त्यार सिंह कर्ज से मुक्त नहीं हो पा रहे थे। मौसम की मार से फसल में नुकसान होने से वह परेशान रहते थे। कर्ज के बोझ के कारण वह तीन बेटियों की शादी भी नहीं कर पाने से सदमे में रहते थे। इसके चलते परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या जैसा का कदम उठा लिया।
सूचना पाकर एसडीएम विजयनाथ शुक्ल, सीओ हिमांशु शाह, कोतवाल योगेश उपाध्याय आदि अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए परिजनों को ढाढ़स बधाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को खटीमा भेज दिया। इधर, एसडीएम ने कहा कि मौत का कारण जांच के बाद पता चल सकेगा।