सड़क दुर्घटना में युवक की मौत के बाद अस्पताल के बाहर हंगामा कर रहे लोगों पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजीं। मुआवजे की मांग को लेकर लोगों ने अस्पताल के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने पर भी नहीं माने और शव का पंचायतनामा भी नहीं भरने दिया। पुलिस की लाठियों से कुछ लोगों को चोटें आई हैं। बल प्रयोग के बाद अफरातफरी मच गई। कुछ लोगों को पुलिस अपने साथ थाने भी ले गई। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
सड़क हादसा मंगलवार को हुआ था। विकासनगर की ओर से आ रही एक निजी बस ने एफआरआई के सामने स्कूटर सवार को टक्कर मार दी थी। हादसे में स्कूटर सवार नरेश निवासी मानस विहार, बल्लूपुर घायल हो गए थे। उन्हें सिनर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन, कुछ देर इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। बुधवार को परिजनों के साथ क्षेत्रीय निवासी सिनर्जी अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए। उन्होंने शुरुआत में अस्पताल पर ज्यादा पैसे लेने का आरोप लगाया।
साथ ही पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग करने लगे। पुलिस अधिकारियों ने समझाया कि मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। मुआवजा ट्रिब्यूनल से मिलेगा। लेकिन, पुलिस की बातों पर भी उन्हें विश्वास नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के सामने ही सड़क पर जाम लगा दिया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया तो लोग उग्र होने लगे। इस पर पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी।
अस्पताल पर ज्यादा बिल बनाने का आरोप
लोगों ने अस्पताल पर इलाज का खर्च ज्यादा बताने का भी आरोप लगाया। अस्पताल की ओर से 55 हजार रुपये का बिल दिया गया था। इस पर पुलिस ने परिजनों को समझाया और बिल कम कराने की बात कही। इसके बाद पुलिस के बुलाने पर बस का मालिक आया और उसने ही बिल भरा।
लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया था। सड़क पर भी जाम लगाया था। इससे वहां आने वाले मरीजों को भी परेशानी हो रही थी। इसी परेशानी को देखते हुए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
-सरिता डोबाल, एसपी सिटी
अस्पताल से मृतक के परिजनों को नाराजगी नहीं थी। अस्पताल ने उन्हें वास्तविक खर्च बताया था। इसके लिए उन्होंने कुछ समय भी मांगा था। यह भी उन्हें दे दिया गया था।
-कमल गर्ग, एमडी, सिनर्जी अस्पताल