इंजीनियर यतीन वर्मा ऐसा तो नहीं था, पता नहीं उसे किसकी नजर लग गई। इससे पहले कभी कोई शिकायत नहीं मिली। शिकायत भी तब आई है, जब उसका जवाब देने वाला ही नहीं रहा। यतीन के झूठ की कहानी पर पर्दा उठा तो...
यतीन का पूरा परिवार सकते में है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि लाडले को अपनी जिंदगी गंवानी पड़ी। अब परिजन चाहते हैं कि कम से कम उन्हें यह पता चले कि आखिर उनके यतीन का क्या कसूर था, जिसकी उसे इतनी बड़ी सजा दी गई है।
इकलौते बेटे यतीन वर्मा की हत्या ने बागेश्वर के तल्ला कत्यूड़ के सर्राफ बसंत लाल के परिवार को हिलाकर रख दिया है। उन्हें तो यही पता था कि बेटा नोएडा में नौकरी कर रहा है। देहरादून में होटल अथवा वेटिंग रूम में रहने की बात से वह पूरी तरह अनजान थे।
बसंत लाल की एक बेटी बरेली में रहकर पढ़ाई कर रही थी, जबकि दूसरी बेटी देहरादून से पढ़कर गई है। बेटे का पार्थिव शरीर लेने बसंत लाल परिवार और रिश्तेदारों के साथ देहरादून पहुंचे हैं।
बसंत ने पुलिस को बताया कि उन्हें जरा भी अहसास नहीं था कि यतीन नोएडा में नहीं है। यतीन उनसे कम ही बात करता था। बहनों से अक्सर उसकी बात होती थी। यतीन ने कभी उन्हें अपने मन की पीड़ा नहीं बताई, इस कारण उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं थी।
न जाने उसे किसकी बुरी नजर लग गई। अब से पहले उसकी कोई शिकायत सामने नहीं आई थी। गांव और रिश्तेदारी में वह हर किसी का चहेता था। नशा करने की बात भी अब उनके सामने आई है।