जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग व राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार फोटो युक्त विधानसभा निर्वाचक नामावली का 1 जनवरी 2019 की अर्हता के आधार पर विशेष पुनरीक्षण किया जाएगा। इसमें नामावली से फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। 4 जनवरी 2019 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
जिलाधिकारी ने सभी रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को निर्देश दिए कि फोटो युक्त मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य से पहले बीएलओ एवं सुपरवाइजर को प्रशिक्षण दिया जाए। मतदाता सूची से त्रुटियों के अलावा फर्जी मतदाताओं को चिन्हित कर नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएं। जिसके बाद मृत व अन्य फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने के लिए अभियान चलाया जाए। अभियान के दौरान बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) की ओर से ऐसे मतदाताओं को चिन्हित कर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को अगली कार्रवाई के लिए उनकी सूची उपलब्ध कराई जाएगी।
फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली की शत-प्रतिशत त्रुटियों को दूर करने के लिए राजनैतिक दलों के साथ बैठक की जाएगी। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन मतदान केंद्रों पर बीएलओ नियुक्त नहीं हैं, वहां पर बीएलओ की तैनाती कर पोलिंग बूथों का भौतिक सत्यापन कर भवन संबंधी जानकारी निर्धारित समयावधि में जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने बताया कि 20 जून तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा। 21 जून से 31 जुलाई तक मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन होगा। एक सितंबर को फोटो मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित कर 31 अक्तूबर तक आपत्तियां मांगी जाएंगी।