फर्जी तरीके से टाटा कंपनी के नाम से नमक और चाय का कारोबार का भंडाफोड हुआ है। कंपनी के लीगल टीम ने कोतवाली पुलिस के साथ एक दुकान और कारखाने से 16 नमक के बैग ( प्रत्येक बैग 50 किग्रा) के साथ ही 12 हजार टाटा नमक की खाली थैलियाें के साथ ही चाय के पैकेट में भी बरामद किए हैं। मामले में लीगल हेड ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
देर रात तक कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने की कार्रवाई चल रही थी। स्पीड नेटवर्क चंडीगढ़ के डायरेक्टर और टाटा कंपनी के लीगल हेड रामेश दत्त ने बताया कि उन्हें क्षेत्र में टाटा कंपनी के नाम से फर्जी तरीके से नमक और चाय का कारोबार करने की सूचना मिली थी। उन्होंने इसकी शिकायती एसपी देहात कमलेश उपाध्याय से की थी। एसपी देहात ने कोतवाली पुलिस को लीगल टीम के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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लीगल टीम ने कोतवाली पुलिस के सहयोग से आर्य समाज मंदिर चौक के निकट रामदेव एंड संस के यहां जांच की। जहां से 16 बैग नमक के मिले। जिन्हें फर्जी तरीके से टाटा कंपनी के बैग में भरा गया था। फर्म के स्वामी चंद्रशेखर रोहिला ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने यह नमक जैन ट्रेडिंग कंपनी के मालिक ऋतिक जैन के अंबाड़ी स्थित कारखाने से लाए हैं।
जिस पर टीम कारखाने पहुंची, जहां टाटा नमक की 12 हजार खाली थैलियां, चाय पत्ती के भरे पैकेट बरामद हुए। लीगल हेड ने बताया कि इस संबंध में कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी और कॉपी राइट एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।