दोनों महिला कर्मचारी जब सिंहद्वार पहुंची थी तब दारोगा बता रहे युवक ने उन्हें कनखल थाने बुलाया था। कनखल थाने पहुंचने पर उन्हें फिर प्रकरण ज्वालापुर का बताकर ज्वालापुर आने की बात कही थी। महिला कर्मचारी फिर केंद्र पर पहुंच गई थी लेकिन दरवाजे का कुंडा टूटा देखकर दंग रह गई थी। अंदर गल्ले से नकदी भी गायब थी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू की थी तो घटना सीसीटीवी कैमरे में फुटेज कैद हुई थी।
अभी पुलिस जांच में ही जुटी थी कि रानीपुर क्षेत्र के गांव रावली महदूद में दो दिन पूर्व मेडिकल स्टोर स्वामी रजनीश को फोन कॉल आई थी। कॉल कर रहे शख्स ने खुद को कोतवाली रानीपुर में तैनात दारोगा बताकर कोतवाली आने की बात कही थी, जब वह कोतवाली पहुंचा तो उसी दौरान उसकी दुकान का ताला तोड़कर नकदी चोरी कर ली गई थी।
सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को घटनाओं को अंजाम देने के आरोपी साकिर पुत्र शकील अहमद निवासी गांव एक्कड़ खुर्द पथरी को पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि आरोपी के कब्जे से 17 हजार रुपये, दो मोबाइल फोन बरामद हुए है। केंद्र से 13 हजार की नकदी चोरी हुई थी। पथरी के गांव बहादरपुर जट निवासी युवक सन्नी कुमार के चोरी हुए मोबाइल फोन नंबर से आरोपी ने घटनाओं को अंजाम दिया था।
ज्वालापुर पुलिस के हत्थे चढ़े आठवीं तक पढ़े लिखे आरोपी ने एक टीवी धारावाहिक से इस तरह से घटना को अंजाम देने का तरीका अपनाया था। लेकिन एक ही मोबाइल फोन नंबर का लगातार इस्तेमाल करना उसे महंगा पड़ गया।
कोतवाली प्रभारी योगेश सिंह देव की मानें तो आरोपी बेरोजगार है। वह भविष्य में अलग अलग क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहा था। वह उन दुकानों को निशाना बताता था, जिसका पड़ोसियों से बिलकुल भी संपर्क न हो। दुकान के बोर्ड पर लिखे नंबर वह नोट कर लेता था।