आपके घर में सप्लाई हो रहा दूध असली है या नकली, इसकी पहचान के कुछ तरीके हम आपको बता रहे हैं। अगर इन तरीकों से मेल खाता हुआ दूध आपके घर में आ रहा है तो सावधान हो जाइए। यह आपको बीमार कर सकता है।
पहला तरीका : सिंथेटिक दूध की पहचान करने के लिए उसे सूंघे। अगर उसमें साबुन जैसी गंध आती है तो मतलब साफ है कि दूध सिंथेटिक है। असली दूध में कुछ खास गंध नहीं आती।
दूसरा तरीका : असली दूध का स्वाद हल्का मीठा होता है। जबकि नकली दूध का स्वाद डिटर्जेंट और सोडा मिला होने की वजह से कड़वा हो जाता है।
तीसरा तरीका : असली दूध स्टोर करने पर अपना रंग नहीं बदलता, जबकि नकली दूध कुछ समय बाद पीला पड़ने लगता है। दूध में पानी की मिलावट की पहचान के लिए दूध को एक काली सतह पर छोड़ दें। अगर दूध के पीछे एक सफेद लकीर छूटे तो दूध असली है।
चौथा तरीका : अगर हम असली दूध को उबालें तो इसका रंग नहीं बदलता, वहीं नकली दूध उबालने पर पीले रंग का हो जाता है।
पांचवां तरीका : दूध में पानी की मिलावट की जांच के लिए किसी चिकनी लकड़ी या पत्थर की सतह पर दूध की एक या दो बूंद टपकाकर देखिए। अगर दूध बहता हुआ नीचे की तरफ गिरे और सफेद धार सा निशान बन जाए तो दूध शुद्ध है।
छठा तरीका : असली दूध को हाथों के बीच रगड़ने पर कोई चिकनाहट महसूस नहीं होती। जबकि नकली दूध बीच रगड़ेंगे तो आपको डिटर्जेंट जैसी चिकनाहट महसूस होगी।
नकली दूध, मावा और पनीर जानलेवा हो सकता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) अपने शोध में नकली दूध और पनीर को कैंसर का कारक भी बता चुका है। इससे किडनी फेल होने का भी खतरा रहता है।
-नकली और मिलावटी दूध, मावे से सबसे ज्यादा पेट संबंधित बीमारियां होती हैं। मिलावटी दूध से पेट में ऐंठन और अपच की समस्या हो सकती है। यदि आप लगातार नकली दूध का सेवन कर रहे हैं तो गैस्टिक की समस्या हो सकती है। अपच और अनिद्रा का कारण नकली दूध हो सकता है। पेट में संक्रमण भी मिलावटी और केमिकल युक्त दूध के कारण होता है।
-मिलावटी दूध, मावे से डायरिया और पीलिया होने की संभावना बढ़ जाती है। डायरिया होने पर शरीर के अंदर का तापमान कम होने लगता है। उल्टी और दस्त की शिकायत हो जाती है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं। मिलावटी दूध पीने से शरीर में पित्त की मात्रा बढ़ जाती है।
-मिलावटी दूध कब्ज और हैजा जैसी बीमारियों का कारण भी बनता है। अगर रोजाना ढंग से पेट साफ नहीं तो कब्ज की शिकायत हो सकती है और मिलावटी दूध के कारण खाना अच्छे से पच नहीं पाता है।