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तो IAS अकादमी में है 'स्पाई महिला' का गुरू

Mon, 20 Apr 2015 04:39 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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पुलिस जांच में अभी तक सामने आए तथ्यों से साफ संकेत मिलता है कि रूबी चौधरी मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में रहकर आईएएस का प्रशिक्षण ले रही थी।
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जानकार भी मानते हैं कि रूबी आईएएस का प्रशिक्षण ले रही थी और उसका लगभग आधा काम हो चुका था। ऐसे में सवाल उठता है कि आईएएस का प्रशिक्षण लेकर रूबी करती क्या? क्या उसे बतौर आईएएस कहीं तैनाती मिल जाती?

नियम-कायदों के जानकार बताते हैं कि ऐसा संभव भी था और नहीं भी। अकादमी से प्रशिक्षण के बाद रूबी को आईएएस का प्रमाणपत्र मिल जाता है। उसके बाद उस बैच में प्रशिक्षण लेने वालों को डीओपीटी से किसी प्रदेश का काडर एलाटमेंट किया जाता।
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चूंकि रूबी के पास आईएएस के प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र होता, ऐसे में काडर की सूची में उसका नाम शामिल हो जाता और वह बतौर आईएएस ज्वाइन भी कर लेती। हालांकि इस प्रक्रिया में भी उसके पकड़े जाने की पूरी गुंजाइश होती।

लेकिन जानकार बताते हैं कि जो फर्जी तरीके से आईएएस का प्रशिक्षण हासिल कर सकता है वह अपनी ज्वाइनिंग भी करवा सकता है। एलबीएस अकादमी में छह माह तक रही रूबी चौधरी के मामले में अभी तक की जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि रूबी अकादमी में रहकर न केवल वहां के पुस्तकालय से 58 किताबें इश्यू कराईं, बल्कि राष्ट्रपति के साथ बतौर प्रशिक्षु ग्रुप फोटो भी खिंचवाए।
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अकादमी में रूबी का गुरु कौन था?

यही नहीं, रूबी चौधरी ने पांच-पांच प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी बनाई। अकादमी के नोट्स की डायरी भी उसके पास से मिली है। इन सब तथ्यों से लगता है कि रूबी आईएएस का ही प्रशिक्षण ले रही थी और आगे चलकर उसका इरादा आईएएस के तौर पर कहीं न कहीं ज्वाइन करने का ही था।

यदि ऐसा है तो यह सवाल उठना भी लाजिमी है कि अकादमी में रूबी का गुरु कौन था? वह कौन शख्स था जिसने रूबी को पनाह दे रखी थी? क्या यह वही आदमी है जिसका नाम रूबी ले रही है या कोई और है?

पूरे खेल में कई लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इतनी बड़ी साजिश किसी एक अधिकारी के दम पर नहीं रची जा सकती। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने अब उस व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है, जिसकी शह पर रूबी को अकादमी में जगह दी गई।

डीजीपी बीएस सिद्धू का कहना है कि रूबी चौधरी से जो भी सबूत मिले हैं, वह यही संकेत कर रहे हैं कि उसे आईएएस अधिकारी बनाने की साजिश रची गई थी। ऐसे में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ऐसा करने वाले कौन लोग हैं? फिलहाल एसआईटी जांच कर रही है। जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा।
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