आरोपी राजेश गौतम नई दिल्ली के अशोकनगर और नोएडा में लूट के मामले में जेल जा चुका है। नोएडा में पुलिस से हुई मुठभेड़ में राजेश के बाएं पैर में गोली लग गई थी। वह साहिबाबाद में हत्या के प्रयास और दिल्ली के हर्ष विहार में मारपीट के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। विक्रांत भी हापुड़ से जेल जा चुका है। संजय और विक्रांत की मुलाकात गाजियाबाद जेल में हुई थी, जहां पर इन्होंने नकली नोट छापने की योजना बनाई थी।
बाजार में उतार चुके है 10 लाख के नोट
एसएसपी ने बताया कि आरोपी अब तक करीब 10 लाख के नकली नोट मार्केट में उतार चुके हैं। यह नोट सट्टे, पेट्रोल पंप और भीड़-भाड़ वाली दुकानों पर चलाए गए हैं। फरार संजय शर्मा उनसे एक लाख के नकली नोट 30 हजार रुपये में खरीदता था। ये लोग दिल्ली में किसी होटल अथवा संजय शर्मा के घर पर बैठकर नोट छापते थे। एक दिन में 20 से 25 हजार रुपये के नकली नोट छापे जाते थे। ज्यादातर नोटों की सप्लाई संजय ही करता था।
दो हजार रुपये के नोट में 35 रुपये का खर्चा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि दो हजार रुपये का नकली नोट छापने में 35 रुपये का खर्च आता है। जबकि पांच सौ के नोट की छपाई में 25 से 30 रुपये का खर्च आता था। क्रीम कलर के पेपर पर ये लोग नोट बनाते थे। एक पेपर से दो नोट बनते हैं। यह पेपर दिल्ली में आसानी से उपलब्ध हो जाता है।