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रुड़की: बंपर सफलता से विवादों में आया कोचिंग सेंटर, फेसबुक ने इस तरह मुसीबत में डाला

Thu, 08 Mar 2018 12:21 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की
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Fraud
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अपने विद्यार्थियों की बंपर सफलता के कारण शहर का एक कोचिंग सेंटर अधीनस्थ चयन आयोग और जिला प्रशासन की नजर में आ गया। प्रदेश भर के लिए निकाली गई सहायक अभियंता की 252 रिक्तियों के लिए आयोजित की गई परीक्षा में रिकॉर्ड सफलता पाते हुए इस इंस्टीट्यूट के66 छात्र सफल हुए।

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इस परिणाम से अधिकारियों को प्रथम दृष्ट्या कुछ न कुछ दाल  में काला नजर आया। ऐसे में उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग की शिकायत पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने दोपहर 12 बजे गंगा इंक्लेव स्थित जीनियस एजुकेशन प्वाइंट कोचिंग सेंटर पर छापा मारा। इस दौरान डीएम ने एक रजिस्टर सहित इंस्टीट्यूट संचालकों के मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए। वहीं इंस्टीयूट में डीएम की ओर से छापा मारने की सूचना के बाद अन्य इंस्टीट्यूट संचालक भी अपने इंस्टीट्यूट बंद कर नदारद हो गए।

उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग की ओर से उत्तराखंड पावर कारपोरेशन निगम और उत्तराखंड जल विद्युत निगम में सहायक अभियंता के 252 पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया था। अधीनस्थ चयन आयोग की ओर से पांच नवंबर 2017 को रविवार के दिन परीक्षा का आयोजन किया गया था।
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सात फरवरी को अधीनस्थ चयन आयोग की ओर से जब रिजल्ट जारी किया गया तो, गंगा इंक्लेव स्थित जीनियस एजुकेशन प्वाइंट कोचिंग सेंटर से 66 बच्चों का सलेक्शन हो गया। बताया जा रहा है कि जब अधीनस्थ चयन आयोग की ओर से इन छात्रों के प्रमाणपत्रों की जांच की गई तो इन छात्रों ने अपने आपको रुड़की के जीनियस प्वाइंट से कोचिंग करना बताया।

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फेसबुक पर ज्यादा प्रचार पड़ा भारी

fraud
पूरे प्रदेश में एक ही इंस्टीट्यूट से इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का चयन होने से अधीनस्थ चयन आयोग को भी इंस्टीट्यूट पर संदेह हुआ। चयन आयोग ने जिलाधिकारी से इस इंस्टीट्यूट की जांच कराने के आदेश दिए गए।

बुधवार को दोपहर 12 बजे जिलाधिकारी दीपक रावत ने दल बल के साथ इंस्टीट्यूट में छापा मारा। इंस्टीट्यूट में छापा मारते ही कोचिंग सेंटर के छात्र भी माजरा समझ नहीं पाए। बाद में जिलाधिकारी ने इंस्टीट्यूट संचालक से भी पूछताछ की। इंस्टीट्यूट संचालक भी पूर्व में इंस्टीट्यूट से पास हुए छात्रों की जानकारी नहीं दे पाया।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने अलग-अलग ट्रेड में छात्रों से ली जा रही फीस की जानकारी मांगी तो, वह भी संचालक नहीं बता पाया। बाद में जिलाधिकारी ने इंस्टीट्यूट से एक रजिस्टर और मोबाइल कब्जे में लिए। इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल, एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, सीओ स्वप्न किशोर सिंह, तहसीलदार मंजीत सिंह गिल और कोतवाल कमल कुमार लुठी समेत बड़ी समेत अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे

फेसबुक पर ज्यादा प्रचार पड़ा भारी
जीनियस एजुकेशन प्वाइंट कोचिंग सेंटर की ओर से अपने इंस्टीयूट से 66 छात्रों का सलेक्शन उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन और उत्तराखंड जल विद्युत निगम में होने का प्रचार किया जा रहा था, बताया जा रहा कि स्थानीय छोटे क्लासीफाइड में कोचिंग सेंटर के बारे में बढ़ा चढ़ा कर विज्ञापन आ रहे थे।

ऐसे विज्ञापन आने के बाद खुफिया विभाग ने भी इंस्टीट्यूट को लेकर रिपोर्ट तैयार की थी। फेसबुक पर चल रहे इस विज्ञापन को आधार मानकर उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने जिलाधिकारी हरिद्वार को कोचिंग सेंटर की वास्तविकता को लेकर जांच करने के आदेश दिए थे। जिस पर आज छापे की कार्रवाई की गई।
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