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यूकेएसएसएससी की परीक्षा में बैठे 22 मुन्नाभाई, ओएमआर शीट से हुआ खुलासा, 21 का रिजल्ट रोका 

Fri, 23 Aug 2019 08:52 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की ओर से आयोजित परीक्षा में यूएसनगर के 22 आवेदकों ने एक ही ई-मेल का इस्तेमाल किया था, जिसका खुलासा ओएमआर शीट की स्कैनिंग में हुआ है। इनमें से 21 का परीक्षाफल आयोग ने रोक दिया। फिलहाल आयोग ने धांधली में किसी गिरोह के शामिल होने की आशंका से रुद्रपुर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ गुरुवार को मुकदमा दर्ज कराया है। 

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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से 21 जनवरी 2018 को सहायक अध्यापक (एलटी) की लिखित परीक्षा आयोजित कराई गई। इसके बाद छह मई 2018 को कनिष्ठ सहायक/ डाटा एंट्री ऑपरेटर की लिखित परीक्षा कराई। परीक्षा संपन्न होने के बाद परीक्षार्थियों की ओएमआर शीट की स्कैनिंग की गई तो यूएसनगर जिले के 22 आवेदकों के आवेदन के समय एक ही ई-मेल आईडी का इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई।

आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बैठक बुलाई, जिसमें माना गया कि इन सभी 22 आवेदकों ने परीक्षा में पास होने के लिए फर्जी आवेदकों को अपने स्थान पर परीक्षा में बैठाया। किसी गिरोह के इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिए जाने की आशंका भी आयोग ने जताई। इसके बाद उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग देहरादून के राजन नैथानी ने देहरादून के थाना रायपुर में मामला दर्ज कराया।
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इसके बाद यूएसनगर पुलिस के पास भी मामला पहुंचा, जिसके आधार पर रुद्रपुर कोतवाली में भी गुरुवार (22 जुलाई 2019) को अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल केसी भट्ट ने बताया कि चयन आयोग के राजन नैथानी की तहरीर पर अज्ञात में केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। 

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एक ही नाम के दो आवेदन, फोटो अलग-अलग

उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग परीक्षा के बाद परीक्षा नियंत्रकों ने जब ओएमआर शीट की स्कैनिंग की तो उसमें नौ अभ्यर्थियों के आवेदन के समय एक ही नाम के दो आवेदन पत्र भरे गए लेकिन उनमें फोटो अलग-अलग लगाया गया। इससे आवेदन के बाद उन्हें दो अलग-अलग प्रवेश पत्र प्राप्त हो गए।

परीक्षा में बैठे फर्जी छात्र ने ओएमआर शीट के बार कोड में शब्दों और अंकों में अपना अनुक्रमांक भरा लेकिन मशीन द्वारा पढ़े जाने वाले गोलों में दूसरा अनुक्रमांक मिला। इसके अतिरिक्त अन्य 12 आवेदकों की ओर से amroha@gmall.com के नाम से एक ही ई-मेल आवेदन में दर्शाया गया था, जिससे अनुमान लगाया गया कि किसी गिरोह ने इस पूरे रैकेट को संचालित किया है।

इसके अतिरिक्त एक छात्रा अभ्यर्थी का नंबर फर्जी तरीके से परीक्षा दे रहे छात्र द्वारा इस्तेमाल किया गया। इसमें छात्रा के धांधली किए जाने की पुष्टि न होने पर उसका परीक्षाफल आयोग ने घोषित किया, जबकि शेष 21 का परीक्षाफल रोका गया है।

पूरी परीक्षा में छात्रों ने हिंदी, व्यायाम, कला और विज्ञान विषय के प्रश्नों पर ओएमआर शीट भरी। छात्र यूएसनगर की विभिन्न तहसीलों के हैं, जिनके परीक्षा केंद्र भी जिले भर में ही बनाए गए थे। फर्जी छात्रों की ओएमआर शीट भी आयोग ने पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराई है। इसके आधार पर पुलिस प्रशासन आगे की जांच करेगा। माना जा रहा है कि जांच के बाद फर्जी छात्रों के साथ ही शिक्षा के नाम पर घोटाला करने वाले बड़े गिरोह का भी पर्दाफाश हो सकता है।
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