Iप्रेमनगर अस्पताल से बिना इलाज करवाए लौट रहे मरीज
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Iनेत्र सहायक की ड्यूटी के साथ लगा दी ट्रेनिंगI
प्रेमनगर उप जिला चिकित्सालय में एक बार फिर मरीजों की आंखों की जांच बंद हो गई है। अस्पताल में नेत्र सहायक पिछले चार दिन से ड्यूटी पर नहीं आए हैं। आंखों की जांच करने के लिए ओपीडी में लगी स्लिट लैंप मशीन भी खराब है। मशीन सही करवाने के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है, लेकिन अभी तक मशीन ठीक नहीं हुई है। आंखों का इलाज करवाने अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है।
प्रेमनगर अस्पताल में आंखों के उपचार के लिए नेत्र सर्जन तैनात हैं। लेकिन नेत्र सहायक न होने की वजह से पिछले डेढ़ साल से मरीजों की आंखों की जांच नहीं हो पा रही थी। दरअसल, अस्पताल की नेत्र सहायक का डेढ़ साल पहले एक्सीडेंट हो गया था। इसके बाद से वह ड्यूटी पर आ नहीं सकीं। ऐसे में डेढ़ साल तक मरीजों के आंखों की जांच नहीं हो सकी। इस संबंध में अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15-15 दिन के लिए नेत्र सहायक की ड्यूटी लगाई जाने लगी।
Iड्यूटी के साथ ट्रेनिंग भी लगा दीI
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा ने बताया कि इन दिनों जिन नेत्र सहायक की ड्यूटी चल रही है उनकी अन्य जगह पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्रेनिंग लगा दी गई है। नेत्र सहायक को रानीपोखरी से आना था, लेकिन यह नहीं आ पा रही हैं। इसके अलावा 15 दिन पहले जिन नेत्र सहायक की ड्यूटी लगाई गई थी वह तपोवन ऋषिकेश से ड्यूटी के लिए आ रहे थे।
Iअस्पताल में स्लिट लैंप मशीन खराब है। आंखें दिखाने मरीज आते हैं तो सबसे पहले इस मशीन के माध्यम से आंखों की जांच की जाती है, लेकिन मशीन खराब होने से बहुत मुश्किल हो रही है। मरीजों की आंखों की जांच नहीं हो पा रही है और मरीज वापस लौट रहे हैं। - डॉ. आकांक्षा, नेत्र रोग विशेषज्ञ
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Iप्रेम नगर अस्पताल में नेत्र सहायक की ट्रेनिंग के बारे में पता किया जाएगा। इसके अलावा जो मशीन खराब है उसे भी बनवाया जाएगा। मरीजों का इलाज प्रभावित नहीं होना चाहिए। डॉ. संजय जैन, सीएमओ, देहरादूनI