दूनवासी जल्द ही एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भर सकेंगे। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) जौलीग्रांट से सहस्त्रधारा तक एक्सप्रेस वे का निर्माण करने जा रहा है। 360 करोड़ से अधिक की परियोजना का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा। परियोजना के लिए इन दिनों सर्वे का काम चल रहा है।
राजधानी की ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था में सुधार के लिए एमडीडीए ने एक्सप्रेस वे निर्माण की योजना तैयार की है। इसके जरिये जौलीग्रांट एयरपोर्ट से शहर की कनेक्टिविटी सुधारने की योजना है। हालांकि यह एक्सप्रेस वे शहर के बाहरी हिस्सों से गुजरेगा, लेकिन इससे जुड़ी आंतरिक सड़कों के जरिये ट्रांसपोर्टेशन में लगने वाला समय कम हो सकेगा।
योजना के पहले चरण में सहस्त्रधारा से रायपुर पुल तक निर्माण होगा। दूसरे चरण में रायपुर पुल से जौलीग्रांट तक एक्सप्रेस वे बनेगा। योजना के लिए इन दिनों पूरे मार्ग का सर्वे किया जा रहा है। साथ ही इसकी फिजिबिलिटी स्टडी और फाइनेंसियल मॉडल भी तैयार किया जा रहा है।
एक्सप्रेस वे में कई स्थानों पर बड़े और छोटे पुल भी बनाए जाएंगे। जौलीग्रांट से थानो होते हुए रायपुर और रायपुर से सहस्त्रधारा के बीच पहाड़ी क्षेत्र में मोड़ कम से कम करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक समय बचाया जा सके। अभी तक ब्लूम कंपनीज एलएलसी, यूएसए और डिफिनिटी डिजाइन को सर्वे आदि के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड दिया गया है।
अधिकतम क्षेत्र जुड़ेंगे
एक्सप्रेस वे भले ही सहस्त्रधारा से रायपुर होते हुए जौलीग्रांट निकलेगा, लेकिन इससे अधिकतम क्षेत्रों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। एमडीडीए सचिव पीसी दुमका ने बताया कि एक्सप्रेस वे के एलाइनमेंट को लेकर सर्वे में स्थिति स्पष्ट होगी। अधिकतम क्षेत्र इसके पास रखे जाएंगे, ताकि कनेक्टिविटी में सुधार हो।
अभी योजना पर सर्वे का काम चल रहा है। सर्वे के आधार पर एक्सप्रेस वे के एलाइनमेंट, लंबाई, चौड़ाई, लागत इत्यादि का आंकलन किया जाएगा। इसके आधार पर डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, उपाध्यक्ष, एमडीडीए