फोरगिवनेस फाउंडेशन सोसाइटी की ओर आयोजित कार्यशाला में वक्ताओं ने बाल और महिला यौन उत्पीड़न पर चिंता जताई। शुक्रवार को आयोजित कार्यशाला में महिला व बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
मनोवैज्ञानिक डॉ. पवन शर्मा ने कहा कि देश में हर घंटे 51 महिलाओं के खिलाफ आपराधिक घटनाएं हो रही है और इतने ही समय में तीन लोगों की हत्या हो जाती है। यह आंकड़े राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट में सामने आए हैं। वहीं, बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जबकि उत्तराखंड राज्य में बाल यौन शोषण के मामले में 52 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, जो एक गंभीर विषय है। भूमिका भट्ट शर्मा ने कहा कि आधुनिक अभिभावकों के पास बच्चों के लिए समय नहीं है। जिससे रिश्तों और संबंधों का कमजोर होना स्वाभाविक है।