दरअसल शिक्षकों की कमी और सरप्लस का पूरा मामला शिक्षकों को पहाड़ चढ़ने से रोकने और शिक्षकों की भर्ती का है। वर्ष 2017 में विभिन्न जिलों से हरिद्वार में 82 शिक्षकों को नियमों को ताक पर रखकर भेजा गया था। इनमें कुछ शिक्षकों की कठिनाई को देखते हुए शासन ने उन्हें हरिद्वार में ही बने रहने के निर्देश दिए। वही कुछ हाईकोर्ट से स्थगन आदेश ले आए थे।
इसके अलावा शेष शिक्षकों उनके मूल जिलों के लिए कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए थे। विभाग के अधिकारियों का कहना था कि इन शिक्षकों को वापस उनकी मूल तैनाती पर भेजा गया तो इससे जिले में शिक्षकों की कमी हो जाएगी।
जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ आनंद भारद्वाज ने 13 जुलाई 2020 को शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखा कि दिशा की बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अन्य जिलों से हरिद्वार में आए शिक्षकों को जिले में शिक्षकों की कमी को देखते हुए इन्हें यही रोकने के लिए निदेशालय और शासन को प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है।
उन्होंने शिक्षा निदेशालय से कहा कि इन शिक्षकों को हरिद्वार में ही बने रहने के लिए शासन से अनुमति ली जाए। जबकि अब बेसिक के शिक्षकों की भर्ती के संबंध में शिक्षा निदेशालय ने जिले से शिक्षकों के खाली पदों की जानकारी मांगी तो जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी ने निदेशालय को लिखे पत्र में कहा कि जिले में शिक्षकों की कमी नही है। यहां 20 शिक्षक सरप्लस हैं।
शिक्षक भर्ती के लिए बेरोजगारों को अन्य जिलों से करना पड़ सकता है आवेदन
प्रदेश में इन दिनों बेसिक के शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन हरिद्वार जिले में बेसिक के शिक्षकों के पद खाली न होने से इस जिले के हजारों बेरोजगारों को शिक्षक भर्ती के लिए अन्य जिलों से आवेदन करना पड़ सकता है।
हरिद्वार जिले में बेसिक के सहायक अध्यापकों की कमी नही है। 30 सितंबर 2020 की छात्र संख्या एवं आरटीई मानक के अनुसार जिले में 20 शिक्षक सरप्लस हैं। इस संबंध में एक बार फिर से सभी छह विकासखंडों के उप शिक्षा अधिकारियों से शिक्षकों के खाली पदों की रिपोर्ट मांगी गई है। - हनुमान प्रसाद विश्वकर्मा, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक
लॉकडाउन की वजह से बच्चे रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए होंगे यही वजह है कि शिक्षकों के पद सरप्लस हो रहे हैं। इस मामले में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। - डा. आनंद भारद्वाज, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार
हरिद्वार में शिक्षकों के पद खाली होने के कुछ दिनों के भीतर यहां शिक्षक सरप्लस कैसे हो गए इस मामले को दिखवाया जाएगा। - आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक