दूध से जिस तरह से पनीर बनाया जाता है, उसी तरह छुरपी भी तैयार की जाती है। लेकिन छुरपी में नमी की मात्रा पूरी तरह से निकाल कर सख्त बनाया जाता है। छोटे-छोटे टुकड़े बनाकर 28 दिनों तक सूखाने के बाद छुरपी तैयार की जाती है। इसमें प्रोटीन की मात्रा 60 प्रतिशत है।
देश में अभी तक किसी भी राज्य में सहकारी क्षेत्र में छुरपी का उत्पादन नहीं किया जाता है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जो पेट फूड के रूप में दूध से छुरपी बना रहा है। यह योजना खासकर पर्वतीय क्षेत्रों के दूरस्थ गांवों के उन दुग्ध उत्पादकों की आर्थिकी को मजबूत करेगी, जो दूध बाजार तक नहीं पहुंचा पाते हैं।
- डॉ.जयदीप अरोड़ा, संयुक्त निदेशक, दुग्ध विकास विभाग