1.वन क्षेत्रों में स्टाफ और पर्यटकों को सिंगल यूज प्लास्टिक ले जाने से रोका जाएगा और उन्हें विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा।
2.संरक्षित क्षेत्रों, आर्द्रभूमि और वन के निकट के पर्यटक स्थलों में स्वच्छता कार्यक्रम चलाया जाएगा। यह कार्यक्रम इस तरह से आयोजित होंगे कि गणतंत्र दिवस पर इनका समापन हो
3.संरक्षित क्षेत्र में स्थित नदी, जलाशय, आर्द्र भूमि आदि के लिए भी स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
4.प्लास्टिक से वन और वन्यजीवों पर पड़ने वाले खराब असर की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध की भी है तैयारी
सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रदेश सरकार ने तीन साल पहले प्रतिबंध लगाया था। इसी को देखते हुए वन विभाग भी वन क्षेत्र को प्लास्टिक फ्री जोन बनाने की कोशिश में है। इसके लिए प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध की तैयारी भी की जा रही है। वन मंत्री हरक सिंह का कहना है कि सिंगल यूज प्लास्टिक से सिर्फ वन्य जीवों का खतरा नहीं है बल्कि इससे पूरा पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होता है।