राज्य सरकार ने प्रवासियों को रोजगार देने की घोषणा तो कर दी लेकिन अब लगातार बढ़ती संख्या भविष्य में सरकार की परेशानी बढ़ा सकती है। उपनल के पास जितने भर्तियों के प्रस्ताव हैं, उनको देखते हुए सभी प्रवासियों को समायोजित करने की बात बेईमानी सी लगती है। राज्य सरकार के लिए सिर्फ उपनल के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करा पाना बेहद मुश्किल हो सकता है।
इन दिनों ज्यादातर भर्तियां स्वास्थ्य विभाग में ही हो रही हैं। कोविड-19 के चलते अस्पतालों में कर्मियों को रखा जा रहा है। हालांकि इनमें से ज्यादातर अस्थाई नौकरियां हैं। स्वास्थ्य विभाग में 10 से 15 भर्तियां आ रही है। वहीं, अन्य विभागों में रिक्तियों की संख्या महज पांच से 10 के बीच है। इस तरह उपनल के पास अभी 20 से 25 पद ही भर्ती के लिए उपलब्ध हैं।
-ब्रिगेडियर पीपीएस पाहवा (सेनि), एमडी, उपनल