स्पेसशिप में छह पर्यटक, एक पायलट होंगे
सीईओ आकाश पोरवाल के मुताबिक, फिलहाल स्पेसशिप का जो मॉडल तैयार किया गया है, उसमें छह पर्यटकों के साथ एक पायलट के बैठने की व्यवस्था होगी। स्पेसशिप के जरिए अंतरिक्ष में पहुंचे पर्यटक धरती का नजारा 360 डिग्री तक देख सकेंगे।
ऑक्सीजन के साथ ही सुरक्षा के सारे इंतजाम
सीईओ के मुताबिक, स्पेसशिप का जो मॉडल तैयार किया गया है, उसमें पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था के साथ ही सुरक्षा के सारे कदम उठाए जा रहे हैं। अधिक ऊंचाई पर पहुंचने पर पर्यटकों को ऑक्सीजन की दिक्कत न हो, इसके लिए ऑक्सीजन का इंतजाम करने के साथ ही सुरक्षा के अन्य इंतजाम किए जा रहे हैं।
दुनिया की कई कंपनियां पहले ही करा रही सैर
दुनिया में तमाम ऐसी निजी कंपनियां हैं, जो पर्यटकों को अंतरिक्ष की सैर करा रही है। सीईओ आकाश पोरवाल के मुताबिक, इन कंपनियों में एलन मस्क की स्पेस एक्स, अमेरिकी कारोबारी जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन, रिचर्ड वैन की कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक, स्पेस पर्सपेक्टिव और वर्ल्ड स्पेस जैसी कंपनियां शामिल हैं। यदि एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी के सीईओ के दावे सच साबित होते हैं, तो भारत चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जहां पर्यटकों को अंतरिक्ष की सैर की सुविधाएं होंगी।
अंतरिक्ष के सैर सपाटे के लिए देने होंगे 50 लाख
एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी के फाउंडर और सीईओ आकाश पोरवाल के मुताबिक, अंतरिक्ष की सैर के लिए पर्यटकों को औसतन 50 लाख रुपये खर्च करने होंगे। जो अमेरिकी कंपनियों की तुलना में काफी कम होगा।