दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की बैठक बृहस्पतिवार से है और इसमें प्रदेश से सौजन्या शामिल हो रही हैं। प्रदेश को जीएसटी के नुकसान की भरपाई के रूप में अभी तक मार्च का ही पैसा मिला है। अब अप्रैल का पैसा भी मिल जाता है तो प्रदेश को तात्कालिक राहत भी मिल पाएगी। इसका फर्क बाजार उधारी पर भी पड़ेगा। यह प्रतिपूर्ति मिल गई तो बाजार से सरकार को इस माह के अंत में उधार कम उठाना होगा।
30 जून तक नियोजन की समीक्षा के मुताबिक
राज्य सेक्टर
बजट प्रावधान-43662 करोड़
स्वीकृति-14483 करोड़
खर्च-5892 करोड़
केंद्र पोषित योजनाएं
बजट-9621 करोड़
स्वीकृति-2311 करोड़
खर्च -961 करोड़
बजट-1577 करोड़
स्वीकृति-109 करोड़
खर्च-24 करोड़
अर्थव्यवस्था के उबरने के संकेत मिल रहे हैं। अगर रुख सकारात्मक रहा तो आने वाले समय में प्रदेश सरकार नई योजनाओं को फ्लोट करने की स्थिति में भी होगी। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और अधिक बल मिलेगा।
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री
प्रदेेश को अब अपने राजस्व से प्रति माह करीब 700 करोड़ रुपये की आय हो रही है और यह आने वाले समय में बढ़ेगी। इसी तरह लॉकडाउन में खर्च भी बेहद कम हो गया था। अब खर्च ने भी रफ्तार पकड़ी है। यह अर्थव्यवस्था के उबरने का संकेत भी है।
-अमित नेगी, सचिव वित्त