रोशनाबाद स्थित एआरटीओ दफ्तर के पास ही चार हजार वर्ग मीटर में टेस्ट ड्राइव रूट का ट्रैक बनाया जा रहा है। ट्रैक बनाने का काम पेयजल निर्माण निगम को दिया गया है। टेस्ट ड्राइव रूट पर ढलान और पुल का डिजाइन भी बनाया गया है। इसमें टेस्ट ड्राइव करते समय बारीकी से वाहन चलाने की क्षमता की जांच की जा सकेगी।
एजेंसी से लिया जा सकता है टेस्ट ड्राइव का काम
अधिकारियों के अनुसार टेस्ट ड्राइव रूट का काम किसी एजेंसी से लिया जा सकता है। इसमें एजेंसी की ओर से ही सेंसर, आधुनिक मशीनें और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। इसका खर्च एजेंसी को ही उठाना पड़ सकता है। ऐसे में लाइसेंस के लिए चालक से टेस्ट ड्राइव का कुछ शुल्क भी वसूला जा सकता है। हालांकि, अभी इस पर कुछ भी कहने से अधिकारी बच रहे हैं। उनका कहना है कि इसका निर्णय शासन स्तर से ही होना है।
अभी तक देहरादून में ही एक प्राइवेट कंपनी का टेस्ट ड्राइव रूट बनाया गया है। इसके अलावा पूरे प्रदेश में सरकार का अपना टेस्ट ड्राइव रूट नहीं है। हरिद्वार में बन रहा टेस्ट ड्राइव रूट राज्य सरकार का पहला अपना रूट होगा। उम्मीद है कि रूट तीन माह बाद शुरू हो जाएगा। अब पूरी तरह से परिपक्व चालक को ही लाइसेंस जारी होगा। इससे सड़क हादसों में अंकुश लगेगा।
- मनीष तिवारी, एआरटीओ, प्रशासन, हरिद्वार