क्राइम कंट्रोल और लोगों की सहूलियत के लिए जिले में एक और नया थाना बनाने की तैयारी है। बालावाला चौकी को थाना बनाने के लिए प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय ने मंजूर कर लिया है। अब मुख्यालय की ओर से शासन को यह प्रस्ताव भेजा गया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। मंजूरी के बाद बालावाला जनपद देहरादून का 22वां थाना होगा।
वर्तमान में बालावाला रायपुर थाने की चौकी है। यह चौकी वर्ष 2014 में बनाई गई थी, लेकिन पिछले कुछ सालों में इस क्षेत्र में जनसंख्या तेजी से बढ़ी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र में रिहायश के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी बढ़ोतरी हुई है। इस क्षेत्र से रायपुर थाना बेहद दूर है। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी तरह केवल एक चौकी के भरोसे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंध भी उतना अच्छा नहीं हो पाता। डीजी कानून व्यवस्था ने बताया कि थाना बनने के बाद लोगों को सहूलियत मिलेगी।
इस क्षेत्र के सीमावर्ती थाने नेहरू कॉलोनी और डोईवाला हैं। जबकि, बीच में डोईवाला थाना की हर्रावाला चौकी आती है। ऐसे में इस थाना क्षेत्र की सीमा को लच्छीवाला से लेकर मोहकमपुर तक रखने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बालावाला चौकी के थाना बनने से यहां सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। इसके लिए कुछ डोईवाला थाना और कुछ नेहरू कॉलोनी थाने का क्षेत्र शामिल किया जाएगा।
डकैती-हत्याकांड के बाद बनी थी चौकी
10 सितंबर 2014 को सैनिक कॉलोनी बालावाला में कृषि अधिकारी के घर डकैतों ने उनके बेटे की हत्या कर दी थी। डकैत वहां से जेवरात व नकदी भी लूटकर ले गए थे। तब तक इस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था लगभग छह किलोमीटर दूर रायपुर थाने के ही भरोसे थी। उस वक्त लोगों ने प्रदर्शन किया तो पुलिस ने वहां चौकी बनाने को मंजूरी दी थी। कुछ महीनों तक चौकी एक जीप में चलती रही, लेकिन बाद में इसके लिए भवन का प्रबंध भी कर दिया गया।
पांच साल में बने दो नए थाने
जिला देहरादून में मौजूदा समय में 21 थाने हैं। बीते पांच साल में यहां दो नए थाने बनाए गए हैं। इनमें एक सिटी क्षेत्र में प्रेमनगर वर्ष 2015 में बनाया गया। जबकि, दूसरा इसी साल देहात क्षेत्र के सेलाकुई को थाना बनाया गया। पुलिस का दावा है कि सेलाकुई थाना बनने से वहां इंडस्ट्रीयल क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। जबकि, सहसपुर थाने पर रहने वाले बोझ को कम किया जा सका है।
बालावाला क्षेत्र की समस्या को देखते हुए यहां थाना बनाने का तैयारियां शुरू की गईं थी। इसके लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही वहां से मंजूरी मिलने की भी संभावना है। थाना बनने के बाद यहां बहुत हद तक क्राइम कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था की जा सकेगी।
-अशोक कुमार, डीजी कानून व्यवस्था, उत्तराखंड