अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण उरेडा पिथौरागढ़ जिले की छोटी नदियों में पांच मेगावाट की छह परियोजनाओं का निर्माण करेगा। परियोजनाओं के निर्माण के लिए सर्वे का काम पूरा हो गया है। शासन से हरी झंडी मिलते ही परियोजनाओं का निर्माण शुरू हो जाएगा।
पिथौरागढ़ जिले में काली नदी, धौली गंगा, रामगंगा, गोरी नदी के अलावा 24 से अधिक छोटी नदियां हैं। कोई उपयोग नहीं होने से इन नदियों का पानी बेकार चला जाता है। सरकार छोटी-छोटी परियोजनाओं का निर्माण कर इन नदियों के पानी से बिजली उत्पादन करना चाहती है। उरेडा की ओर से डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई थी।
इसके बाद चरमा नदी, बिर्थी सहित कुल छह स्थानों पर परियोजनाओं के निर्माण के लिए एजेंसी के माध्यम से सर्वे कराया गया। उरेडा से मिली जानकारी के अनुसार सर्वे करने वाली एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी है। रिपोर्ट के अनुसार इन नदियों में बिजली उत्पादन की संभावनाएं मिली हैं। ये परियोजनाएं 500 किलोवाट से लेकर एक मेगावाट तक क्षमता की होंगी। इन परियोजनाओं से उत्पादित होने वाली बिजली की आपूर्ति स्थानीय गांवों में की जाएगी।
उरेडा के पास अभी दो परियोजनाएं
उरेडा के पास वर्तमान में सौर ऊर्जा के साथ ही लघु जल विद्युत परियोजनाओं के रखरखाव का जिम्मा भी है। जिले में उरेडा के पास वर्तमान में दो लघु जल विद्युत परियोजनाएं हैं। इनमें 600 किलोवाट की तालेश्वर परियोजना और 400 किलोवॉट की छड़नदेव परियोजना शामिल हैं।
थर्ड पार्टी एजेंसी से परियोजनाओं के सर्वे का काम हुआ है। जिन स्थलों में परियोजनाओं को प्रस्तावित किया गया था, वहां पर बिजली उत्पादन की संभावनाएं मिली है। परियोजनाओं के निर्माण से पांच मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। शासन से अनुमति मिलने के बाद ही परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू होगा।
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अखिलेख शर्मा, परियोजना अधिकारी, उरेडा पिथौरागढ़