राज्य पुष्प ब्रह्मकमल व फैन कमल 39 सौ से लेकर 42 सौ मीटर तक की ऊंचाई पर पाए जाते हैं। नील कमल इनसे भी अधिक ऊंचाई पर मिलता है। नील कमल के फूल को खिलने के लिए बर्फबारी, प्राकृतिक जल स्रोत व चट्टानी जमीन की आवश्यकता होती है, लेकिन इसके प्राकृतिक स्थल से करीब एक हजार मीटर नीचे लाकर संरक्षण केंद्र के फूल बैंक में इस फूल को लगाने में सफलता मिली है।
वन अनुसंधान केंद्र ने पहले इसे बीज पद्धति से उगाने का प्रयास किया लेकिन यह फूल नहीं उग सका। बाद में इस राइजोम पद्धति (जड़, तना) के माध्यम से लगा लिया गया।
नील कमल फूल 45 से लेकर 48 सौ मीटर तक की ऊंचाई में होते हैं। चूकिं हम इन्हें नीचे लेकर आए हैं तो उनके आकार में थोड़ा बदलाव आया है। सामान्यत: यह फूल जुलाई-अगस्त में खिलते हैं, लेकिन केंद्र में यह फूल मई-जून में खिल गए हैं। यह वन अनुसंधान केंद्र के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।
-संजीव चतुर्वेदी, मुख्य वन संरक्षक, वन अनुसंधान केंद्र, हल्द्वानी।