कोविड महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन से हर सेक्टर प्रभावित हुआ है, लेकिन राज्य में फार्मा और कृषि व उससे संबंधित कारोबार पर असर नहीं पड़ा है। पिछले साल की तुलना में अप्रैल से अगस्त तक फार्मा और कृषि क्षेत्र का निर्यात बढ़ा है। फार्मा में 161 करोड़ और कृषि क्षेत्र में 131 करोड़ का ज्यादा निर्यात हुआ है। वहीं, ऑटोमोबाइल, प्लास्टिक सेक्टर का निर्यात घटा है।
उत्तराखंड ऑटो मोबाइल व फार्मा क्षेत्र में विनिर्माण हब के रूप में स्थापित हुआ है। वहीं, औद्योगिकी, कृषि, फ्लोरीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग, आर्गेनिक उत्पाद, वेलनेस एवं हेल्थ टूरिज्म, एरोमा आधारित उद्योग, जैव प्रौद्योगिकी, हस्तशिल्प राज्य के लिए निर्यात की संभावनाओं में थ्रस्ट सेक्टर है। 15 मार्च को प्रदेश में पहला कोरोना पॉजिटिव मामला सामने आने के बाद सरकार ने 22 मार्च से लॉकडाउन घोषित कर दिया था।
जिससे कारोबार बंद हो गया है लेकिन फार्मा व कृषि उत्पादों की मांग बढ़ने से निर्यात बढ़ा है। पिछले साल अप्रैल से अगस्त में फार्मा सेक्टर में 479 करोड़ का निर्यात हुआ था। जो लॉकडाउन के बावजूद भी बढ़ कर 640 करोड़ पहुंचा है। इसी तरह कृषि क्षेत्र में गत वर्ष 47 करोड़ की तुलना में 178 करोड़ का निर्यात उत्तराखंड से हुआ है।