कैलाश मानसरोवर यात्रा रद्द होने से कुमाऊं मंडल विकास निगम को करोड़ों का घाटा हुआ है। कैलाश यात्रा केएमवीएन की आय का प्रमुख जरिया है। एक यात्री के एवज में निगम को फिलहाल 35 हजार का भुगतान किया जाता है। पिछले साल केएमवीएन ने 949 यात्रियों के जरिये 33215000 की आय अर्जित की थी। 2020 में अनुमान था कि 1000 यात्रियों को कुमाऊं के रास्ते कैलाश मानसरोवर भेजा जाएगा। इससे निगम को 3.50 करोड़ की आय होने की उम्मीद थी। लेकिन यात्रा का आयोजन हुआ ही नहीं।
बजट के अभाव में छह साल से अटका है काम
मानसरोवर यात्रियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए केंद्र से 2014-15 में 3.42 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके तहत यात्रा मार्ग पर मुनस्यारी, थल, रालकोट में रेस्ट हाउस में मरम्मत और अन्य निर्माण काम होने थे लेकिन इस योजना के सापेक्ष 40 लाख रुपये ही निगम को मिले, जिससे धारचूला में पर्यटक आवास गृह में निर्माण कर दिया गया। बाकी की राशि प्राप्त होनी अभी शेष है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर एक जरूरी बैठक का आयोजन विदेश मंत्रालय करवाता था जो जनवरी तक हो जाती थी। इस साल अभी तक इस बैठक की कोई सूचना नहीं मिली है।
- अशोक जोशी, महाप्रबंधक, कुमाऊं मंडल विकास निगम।