ऋषिकेश के रैनापुर ग्रांट में रेरा की रोक के बावजूद अवैध प्लॉटिंग और जमीनों की खरीद-फरोख्त जारी है। रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 (रेरा) अध्यक्ष ने 11 जनवरी को जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और एमडीडीए वीसी को पत्र जारी कर रजिस्ट्री पर रोक लगाने को कहा था। हालांकि जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक नहीं लगी और इस दौरान अब तक कई रजिस्ट्री हो चुकी हैं।
ऋषिकेश के रैनापुर ग्रांट में 52 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग कर बड़ी संख्या में जमीनों की खरीद-फरोख्त हुई है। इसके अलावा 55 बीघा भूमि पर भी प्लॉटिंग की गई है। प्लॉटिंग का न तो डेवलपमेंट अथॉरिटी से लेआउट पास है और न ही यह रेरा में पंजीकृत की गई है। इससे जमीन खरीदने वालों का पैसा फंसने का भी खतरा बना हुआ है।
मामले की शिकायत रेरा के पास पहुंचने के बाद अध्यक्ष विष्णु कुमार ने 11 जनवरी को जिलाधिकारी डा. आशीष श्रीवास्तव, एमडीडीए वीसी रणवीर चौहान और एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजकर अवैध प्लॉटिंग वाले खसरा नंबरों की भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने को कहा था।
बाकी जगह हो रही अवैध प्लॉटिंग से फेरी नजरें
राजधानी दून में रैनापुर ग्रांट के अलावा भी दर्जनों जगह अवैध प्लॉटिंग हो रही है। इनमें से ज्यादातर जगह बिना लेआउट पास कराए और रेरा में पंजीकरण कराए बिना ही जमीनों की खरीद-फरोख्त हो रही है। यही नहीं, कुछ जगह ग्राहकों को अंधेरे में रखकर आवासीय के बजाय दूसरे लैंड यूज वाली जमीन भी बेची जा रही है। लेकिन इनको लेकर रेरा ने पूरी तरह नजरें फेर रखी हैं।
रोजाना हो रही दो-तीन रजिस्ट्री
रेरा की ओर से रोक लगाए जाने के बावजूद 19 जनवरी को तीन, 21 जनवरी को एक, 23 जनवरी को एक, 25 जनवरी को एक, 27 जनवरी को दो, 28 जनवरी को चार और 29 जनवरी को दो रजिस्ट्री हुई हैं। इसके पहले और बाद में भी कई जमीनों की रजिस्ट्री हुई है।
ग्राहकों के हित में अवैध प्लॉटिंग और जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने को कहा गया था। कुछ जगह उसके बावजूद रजिस्ट्री होने की शिकायत मिली है। इस मामले में दोबारा पत्र जारी कर रोक लगाने को कहा जाएगा।
-विष्णु कुमार, अध्यक्ष, रेरा।