प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये गाइड केदारघाटी में पहुंचने वाले देश-विदेश के ट्रेकर/पर्यटकों को त्रियुगीनारायण-केदारनाथ, चोपता-बिसूड़ी-चौमासी-केदार, रांसी-मनणी-केदार, शेरसी-झंडी टॉप-वासुकी-केदार, चौमासी-बलजितिया-केदार, चौमासी-रामबाड़ा-केदार, गौरीकुंड-केदारनाथ-वासुकीताल-केदारनाथ त्रियुगीनारायण-केदारनाथ, चोपता-रांसी-केदारनाथ-गौरीकुंड, सनारा बुग्याल, कालशिला, चोपता-चंद्रशिला, नंदीकुंड ट्रेक, मद्महेश्वर ट्रेकिंग रूट, बुरूवा-बिसुड़ी पर ट्रेक कराएंगे। इन ट्रेकों पर प्रकृति ने अपार सौंदर्य बिखेरा है।
क्या है कुकू हाइट्स
दिवाकर गैरोला ने बताया कि कुकू हाइट्स, होम स्टे का नाम है, जो फाफंज गांव में 32 वर्ष पुराने मकान पर संचालित हो रहा है। कूकू, एक पक्षी है, जिसे स्थानीय काफल पाकू के नाम से भी जाना जाता है। इस होम स्टे के माध्यम से स्थानीय स्तर पर पहाड़ी भोजन को प्रचारित-प्रसारित करने के साथ यहां के पर्यटन व एडवेंचर के बारे में देश-विदेश के पर्यटकों को जानकारी देना है।
इस होम स्टे का संचालन पांच सदस्यीय टीम कर रही है, जिसमें गैरोला के अलावा कालीमठ घाटी की मशरूम गर्ल रोशनी चौहान, गौंडार गांव के वॉल पेंटर्स अरविंद पंवार और उत्तराखंड के सभी ट्रेकिंग रूट की ट्रेकिंग कर चुके मुकेश नेगी और सुधेश नेगी शामिल हैं। गैरोला बीते दो-तीन वर्षों से स्थानीय स्तर पर युवा/युवतियों को स्वरोजगार से जोडऩे के लिए स्वयं के प्रयासों से प्रशिक्षण शिविर आयोजित कराते आ रहे हैं। साथ ही अपने गांव त्रियुगी नारायण में लोक मांगलों के संरक्षण के लिए महिला मंगल दल के साथ भी कार्य कर रहे हैं।
केदारघाटी में बारामासी पर्यटन व एडवेंचर की अपार संभावनाएं हैं, जो स्थानीय युवा/युवतियों के रोजगार का जरिया बन सकता है। इसी उद्देश्य से मार्च में ट्रेकिंग गाइड का विशेष प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है, जिसमें 30 युवतियां भी शामिल हो रही हैं।
-दिवाकर गैरोला, संस्थापक कुकू हाइट्स ट्रेकिंग गाइड प्रशिक्षण
कुकू हाइट्स द्वारा एडवेंचर व पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय युवा/युवतियों को प्रेरित कर स्वरोजगार से जोडऩे के लिए सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। मेरे स्तर से हरसंभव बेहतर से बेहतर सहयोग का प्रयास किया जाएगा।
- मनोज रावत विधायक केदारनाथ विधानसभा